मिडिल ईस्ट (Middle East) में युद्ध की आग अब पूरी तरह भड़क चुकी है। जॉर्डन में एक सैन्य बेस पर हुए ड्रोन हमले में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद बौखलाए अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के लड़ाकू विमानों ने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) को सजा देने के लिए होर्मुज स्ट्रेट के पास भीषण बमबारी की है। इस बीच, ईरान ने भी अमेरिका को ‘कभी न भूलने वाला सबक’ सिखाने की खुली धमकी दे दी है, जिससे तीसरे विश्व युद्ध का खतरा मंडराने लगा है।
दरअसल, शुक्रवार को जॉर्डन में स्थित एक अमेरिकी सैन्य बेस पर आत्मघाती ड्रोन और मिसाइलों से बड़ा हमला हुआ था। इस युद्ध की शुरुआत के बाद यह पहला मौका था जब ईरान की सीधी गोलीबारी में अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई। इस हमले में 2 अमेरिकी जवान मारे गए, जिसके बाद से अब तक कुल 16 अमेरिकी सैनिक इस जंग में अपनी जान गंवा चुके हैं और 430 से ज्यादा घायल हैं।
अमेरिकी सेना ने साफ किया है कि उनके ताजा हमलों का मकसद होर्मुज स्ट्रेट में तेल टैंकरों को रोकने की ईरान की क्षमता को नेस्तनाबूद करना है।
ग्लोबल इकोनॉमी पर खतरा: होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का सबसे संवेदनशील समुद्री रास्ता है। अगर यह जंग लंबी खिंची, तो दुनिया भर में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें आसमान छू सकती हैं, जिससे भारत सहित पूरी दुनिया में पेट्रोल-डीजल की किल्लत और भारी महंगाई आ सकती है।
इस युद्ध की सबसे बड़ी मार कुवैत पर पड़ी है। ईरान की मिसाइलों ने कुवैत के उस डिसेलिनेशन प्लांट में आग लगा दी, जिससे देश की 90% आबादी को पीने का पानी मिलता है। हमले के बाद कुवैत में कई पावर प्लांट बंद हो गए हैं। मिसाइल हमलों के सीधे खतरे को देखते हुए कुवैत ने अपना हवाई क्षेत्र (Airspace) बंद कर दिया और कुवैत एयरवेज की तमाम उड़ानें रद्द या रीशेड्यूल कर दी गईं।
ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने एलान कर दिया है कि अमेरिका ने शांति समझौते की शर्तों को तोड़ दिया है, इसलिए अब ईरान भी किसी वादे से नहीं बंधा है। सर्वोच्च नेता खामेनेई ने इशारा किया है कि अब सिर्फ ईरान ही नहीं, बल्कि लेबनान, यमन और इराक में मौजूद उसके सहयोगी संगठन (एक्सिस ऑफ रेसिस्टेंस) मिलकर अमेरिका पर चौतरफा हमला करेंगे। तनाव को देखते हुए अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए ग्लोबल ट्रैवल अलर्ट जारी कर दिया है।
नई दिल्ली: यूरोप के कई देशों में आर्थिक दबाव, बढ़ती जीवन-यापन लागत और सरकारी नीतियों…
नई दिल्ली: भारत में अपराध करने के बाद कुछ आरोपी नेपाल की ओर भागने की…
नई दिल्ली: सुबह आंख खुलते ही मोबाइल चेक करना, खाना खाते वक्त वीडियो देखना और…
नई दिल्ली: शरद पूर्णिमा की चांदनी को लेकर भारत के अलग-अलग हिस्सों में कई मान्यताएं…
नई दिल्ली: जियो के आईपीओ की चर्चा के बीच शेयर बाजार में निवेश करने वाले…
नई दिल्ली: समुद्र में उठने वाला चक्रवाती तूफान तबाही मचा सकता है, लेकिन उसका नाम…