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US-Iran टेंशन का साइड-इफेक्ट! ग्लोबल मार्केट में ‘पैनिक मोड’ ऑन, Sensex 530 पॉइंट टूटा, क्रूड ऑयल में लगी आग

पिछले चार दिनों से भारतीय शेयर बाजार में जो शानदार तेजी देखने को मिल रही थी, उस पर आज अचानक ब्रेक लग गया है। ग्लोबल मार्केट से आए बेहद खराब संकेतों और जियोपॉलिटिकल टेंशन के चलते आज दलाल स्ट्रीट पर चौतरफा बिकवाली का माहौल है। शुरुआती कारोबार में ही मार्केट औंधे मुंह गिर गया, जिससे निवेशकों के अरबों रुपये स्वाहा हो गए।

शुरुआती ट्रेड में ही भारी क्रैश

बाजार खुलते ही रीटेल और संस्थागत दोनों ही निवेशकों ने पैनिक सेलिंग शुरू कर दी। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का मुख्य इंडेक्स BSE Sensex करीब 537 अंक टूटकर 77,642 के लेवल पर आ गया। वहीं दूसरी ओर, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का Nifty50 भी 163 अंकों की बड़ी गिरावट के साथ 24,235 के बेहद अहम सपोर्ट लेवल से नीचे फिसल गया। इस बिकवाली के दबाव से भारतीय करेंसी भी नहीं बच पाई और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 20 पैसे कमजोर होकर 95.16 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया।

बाजार टूटने के पीछे के 2 सबसे बड़े ट्रिगर्स

US-Iran के बीच बढ़ता हवाई हमला

इस अचानक आई गिरावट की सबसे बड़ी वजह मिडिल ईस्ट (Middle East) में पैदा हुआ नया संकट है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है और दोनों तरफ से हुए हवाई हमलों ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स को डरा दिया है। युद्ध के इस माहौल की वजह से दुनिया भर के बाजारों में ‘Risk-Off’ मोड ऑन हो गया है, यानी लोग इक्विटी जैसे रिस्की एसेट्स से पैसा निकालकर सुरक्षित जगहों जैसे सोना में लगा रहे हैं।

Crude Oil की कीमतों में तगड़ा उछाल

मिडिल ईस्ट में तनाव का सीधा असर कच्चे तेल की सप्लाई पर पड़ने का डर है। इसी वजह से इंटरनेशनल मार्केट में Brent Crude 2.55% की छलांग लगाकर 76.05 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। भारत अपनी जरूरत का करीब 80-85% तेल बाहर से आयात करता है, इसलिए जब भी कच्चा तेल महंगा होता है, तो भारत का करंट अकाउंट डेफिसिट बढ़ता है और महंगाई का खतरा मंडराने लगता है। यही बात मार्केट को सबसे ज्यादा परेशान कर रही है।

कौन से सेक्टर्स हुए ढेर और किन्होंने संभाला मोर्चा?

आज के कारोबार में सबसे ज्यादा मार उन कंपनियों पर पड़ी है जिनका सीधा कनेक्शन कच्चे तेल की कीमतों से है। तेल महंगा होने से पेंट्स और हवाई जहाज कंपनियों का इनपुट कॉस्ट बढ़ जाता है।

टॉप लूजर्स रहे है, Asian Paints, InterGlobe Aviation (IndiGo), Reliance Industries, ITC, Bajaj Finance, और Mahindra & Mahindra (M&M) और टॉप गेनर्स है इस चौतरफा गिरावट के बीच भी IT और फार्मा सेक्टर्स के कुछ चुनिंदा डिफेंसिव शेयरों ने मोर्चा संभाला हुआ है, जिनमें Sun Pharma, HCL Tech, Tech Mahindra, Power Grid, और ICICI Bank शामिल हैं।

ग्लोबल मार्केट का सेंटिमेंट भी बेहद सुस्त

सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के बाजारों का मूड आज खराब है। बीते सत्र में अमेरिकी बाजार कमजोरी के साथ बंद हुए थे, जिसका असर आज सुबह एशियाई बाजारों पर भी साफ दिखा। जापान का Nikkei और साउथ कोरिया का Kospi इंडेक्स लाल निशान में ट्रेड कर रहे थे। हालांकि, हांगकांग के बाजार से थोड़े रिकवरी के संकेत जरूर मिले, लेकिन वह पूरे मूड को सुधारने के लिए नाकाफी थे।

आगे की राह

ट्रेडर्स के लिए सलाह है कि वे आज दोपहर के सत्र में यूरोपियन मार्केट के ओपन होने का इंतजार करें। यदि वहां भी बड़ी गिरावट आती है, तो शाम तक Nifty में कमजोरी और बढ़ सकती है। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह क्वॉलिटी शेयर्स को धीरे-धीरे निचले स्तरों पर जमा करने का एक अच्छा मौका हो सकता है।

news desk

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