उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के संकल्प के साथ योगी सरकार ने एक साथ दो बड़े अंतरराष्ट्रीय मोर्चों पर निवेश का अभियान शुरू किया है। एक ओर जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिंगापुर दौरे के पहले दिन ही अरबों के निवेश समझौतों पर मुहर लगाई, वहीं दूसरी ओर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य जर्मनी में यूरोपीय निवेशकों को यूपी की औद्योगिक शक्ति से रूबरू करा रहे हैं।
सिंगापुर पहुंचे मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने पहले दिन ही यूनिवर्सल सक्सेस ग्रुप (Universal Success Group) के साथ 6,650 करोड़ रुपए के तीन प्रमुख MoUs पर हस्ताक्षर किए। इन प्रोजेक्ट्स से प्रदेश में करीब 21,000 युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद है।
जेवर एयरपोर्ट के पास 100 एकड़ में ₹3,500 करोड़ की लागत से इंटरनेशनल टाउनशिप बनेगी।
कानपुर-लखनऊ हाईवे पर ₹650 करोड़ का निवेश कर एक अत्याधुनिक लॉजिस्टिक्स हब बनाया जाएगा।
नोएडा/ग्रेटर नोएडा में ₹2,500 करोड़ की लागत से 40 मेगावाट का हाइपरस्केल डेटा सेंटर पार्क स्थापित होगा।
सीएम ने सिंगापुर के GIC, Temasek और DBS Bank के प्रमुखों से भी मुलाकात की और उन्हें उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे और रिन्यूएबल एनर्जी में निवेश का न्योता दिया। इसके बाद वे जापान के लिए रवाना होंगे, जहां सुजुकी और तोशिबा जैसी कंपनियों से चर्चा होनी है।

मिशन ‘ग्रीन और स्मार्ट यूपी’
प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ जर्मनी के फ्रैंकफर्ट पहुंचे हैं। उनकी इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य यूपी को यूरोपीय बाजार से जोड़ना और अत्याधुनिक तकनीक लाना है।
FTA का लाभ: डिप्टी सीएम भारत-EU के बीच हुए नए व्यापार समझौते के तहत जर्मन कंपनियों को यूपी में फैक्ट्री लगाने के लिए आमंत्रित कर रहे हैं।
फोकस सेक्टर्स: जर्मनी की ग्रीन हाइड्रोजन तकनीक, ईवी (EV) मैन्युफैक्चरिंग और स्मार्ट मोबिलिटी को यूपी में लागू करने पर जोर दिया जा रहा है।

जर्मनी के बाद यह दल लंदन जाएगा, जहां ब्रिटिश उद्योगपतियों के साथ राउंड टेबल मीटिंग की जाएगी।
‘मेक इन यूपी’ की वैश्विक ब्रांडिंग
यह पहली बार है जब यूपी सरकार के नेता एक साथ दुनिया के सबसे बड़े आर्थिक केंद्रों (एशिया और यूरोप) में निवेश जुटाने निकले हैं। सरकार का दावा है कि बेहतर कानून व्यवस्था और एक्सप्रेसवे का नेटवर्क अब दुनिया भर के निवेशकों को अपनी ओर खींच रहा है।