नई दिल्ली | उत्तर प्रदेश के रेल यात्रियों के लिए एक क्रांतिकारी खबर है। मुंबई-अहमदाबाद के बाद अब देश का दूसरा सबसे बड़ा बुलेट ट्रेन धमाका दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड कॉरिडोर के रूप में होने जा रहा है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस प्रोजेक्ट के जरिए न केवल बनारस, बल्कि अयोध्या भी बुलेट की रफ्तार से जुड़ने वाला है।
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रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, यह कॉरिडोर यूपी की परिवहन तस्वीर बदल देगा। वर्तमान में वंदे भारत एक्सप्रेस दिल्ली से लखनऊ पहुंचने में करीब 6.5 घंटे लेती है, लेकिन बुलेट ट्रेन इस दूरी को महज 2 घंटे में समेट देगी। वहीं, दिल्ली से बाबा विश्वनाथ की नगरी वाराणसी का 865 किमी का सफर सिर्फ 3 घंटे 50 मिनट में पूरा होगा।
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दिल्ली के सराय काले खां से शुरू होकर यह हाई-स्पीड ट्रेन उत्तर प्रदेश के मुख्य आर्थिक और धार्मिक केंद्रों को जोड़ेगी। प्रस्तावित स्टेशनों की सूची इस प्रकार है:
- नोएडा (सेक्टर 146) और जेवर एयरपोर्ट
- मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद
- इटावा, कन्नौज और लखनऊ
- अयोध्या (135 किमी की स्पेशल लिंक लाइन)
- रायबरेली, प्रयागराज, भदोही और अंत में वाराणसी।
खास बात: लखनऊ के पास से एक विशेष 135 किमी लंबी लिंक लाइन सीधे राम नगरी अयोध्या को जोड़ेगी, जिससे श्रद्धालुओं के लिए दिल्ली से अयोध्या का सफर कुछ ही घंटों का रह जाएगा।
सराय काले खां बनेगा ‘महा-हब’
दिल्ली का सराय काले खां स्टेशन देश का सबसे आधुनिक ट्रांसपोर्ट हब बनने जा रहा है। यहाँ यात्रियों को एक ही छत के नीचे तीन बड़ी सुविधाएं मिलेंगी:
- बुलेट ट्रेन (हाई-स्पीड कनेक्टिविटी)
- नमो भारत (RRTS – रैपिड रेल)
- दिल्ली मेट्रो (पिंक लाइन)
- कब तक दौड़ेगी बुलेट ट्रेन?
सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए लेजर तकनीक (LiDAR) से सर्वे और डेटा कलेक्शन का काम पूरा कर लिया है। बजट में इसे प्राथमिकता वाले 7 कॉरिडोर में शामिल किया गया है। नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन (NHSRCL) के मुताबिक, इस महापरियोजना को 2035 से 2040 के बीच पूरी तरह शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।