नई दिल्ली: भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान हुए ‘शर्टलेस’ प्रदर्शन से जुड़े मामले में गिरफ्तार चिब को शुक्रवार देर रात ड्यूटी मजिस्ट्रेट वंशिका मेहता ने जमानत दे दी। यह फैसला करीब रात 1:30 बजे से 3:30 बजे के बीच सुनाया गया, जिसे लेकर सियासी हलकों में काफी चर्चा रही।
कोर्ट ने दिल्ली पुलिस की 7 दिन की पुलिस रिमांड बढ़ाने की मांग को सिरे से खारिज कर दिया। मजिस्ट्रेट ने माना कि पुलिस रिमांड की ठोस वजह नहीं बता पाई, इसलिए जमानत मंजूर की गई। कोर्ट ने जमानत देते हुए कुछ शर्तें भी लगाईं, जिनमें 50 हजार रुपये का निजी मुचलका भरना, पासपोर्ट और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स कोर्ट में जमा कराना और अन्य सामान्य शर्तें शामिल हैं।
उदय भानु चिब को 24 फरवरी को दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया था। उन पर सार्वजनिक स्थान पर अश्लीलता समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया था। चार दिन की पुलिस हिरासत के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया। उनके वकील सुलेमान मोहम्मद खान ने कहा कि पुलिस कोई मजबूत आधार पेश नहीं कर सकी, इसी वजह से कोर्ट ने जमानत दे दी। उन्होंने इसे साफ तौर पर “न्याय की जीत” बताया।
इस मामले को लेकर कांग्रेस और भारतीय युवा कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह सब मोदी सरकार की साजिश का हिस्सा था, जो अब नाकाम हो गई है। IYC ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा, “आधी रात में न्याय की जीत! जब देश सो रहा था, तब न्यायपालिका ने दिल्ली पुलिस की हर चाल को नाकाम कर दिया।”
पूरा मामला इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान युवा कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है, जहां कार्यकर्ताओं ने ‘शर्टलेस’ होकर सरकार की नीतियों और कथित भारत विरोधी ट्रेड डील के खिलाफ प्रदर्शन किया था। इस घटना के बाद से ही राजनीतिक माहौल गर्माया हुआ था, और अब जमानत मिलने के बाद यह मामला और ज्यादा सियासी रंग लेता दिख रहा है।