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पाकिस्तान के कुर्रम जिले में TTP के हमले में 11 सैनिक मारे गए, क्या पाकिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में अस्थिरता नियंत्रण से बाहर है?

इस्लामाबाद: 8 अक्टूबर को पाकिस्तान के कुर्रम जिले में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) ने एक सुनियोजित और भयंकर हमला किया, जिसमें 11 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, जिनमें दो अधिकारी भी शामिल थे. यह हमला उस समय हुआ जब पाकिस्तानी सेना का एक काफिला अफगान सीमा के पास से गुजर रहा था.

हमले का तरीका और भयावह मंजर

हमला सड़क किनारे लगे बम विस्फोट से शुरू हुआ, जिसने काफिले को रोक दिया. इसके बाद आतंकवादियों ने तेज गोलाबारी शुरू कर दी, जिसमें कई सैनिक सीधे निशाने पर थे. हमले की तीव्रता और संगठित तरीके के कारण सुरक्षा बलों को तुरंत प्रतिक्रिया देने में मुश्किल हुई.

हमले के बाद पाकिस्तानी सेना ने पूरे इलाके में तलाशी अभियान चलाया, लेकिन हमलावरों का कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका. इस हमले ने पाकिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

TTP की बढ़ती ताकत और पाकिस्तान की चुनौतियां

TTP पाकिस्तान में आतंकवाद का सबसे सक्रिय और खतरनाक संगठन बन चुका है. 2024 में इस समूह ने 482 हमले किए, जिनमें 558 लोगों की मौत हुई, जो 2023 की तुलना में 91% अधिक है.

पाकिस्तान की सेना और सरकार ने इन आतंकवादियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का संकल्प लिया है. सितंबर 2025 में बाजौर और दक्षिणी वजीरिस्तान में अभियानों के दौरान सेना ने 35 TTP आतंकवादियों को मार गिराया था, लेकिन इन अभियानों में पड़ोसी देश के 12 जवान भी मारे गए. इससे साफ होता है कि TTP पाकिस्तान की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन चुका है.

पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

यह हमला पाकिस्तान की आंतरिक और सीमा सुरक्षा की कमजोरियों को उजागर करता है. सीमावर्ती इलाकों में आतंकवादी गतिविधियां बढ़ रही हैं और स्थानीय लोग दहशत में हैं. अफगान सीमा के पास ये क्षेत्र अस्थिरता का केंद्र बन चुके हैं, जहां सेना को बार-बार बड़े संघर्षों का सामना करना पड़ता है.

TTP का यह हमला केवल सैन्य संघर्ष नहीं, बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा, राजनीतिक स्थिरता और क्षेत्रीय शांति के लिए बड़ा खतरा है. पाकिस्तान को अब यह समझना होगा कि आतंकवाद को समर्थन देने से खुद का घर भी जलने से बच नहीं सकता. इसलिए उसे अपनी रणनीति में मौलिक बदलाव लाना होगा और आतंकवाद की उसकी मौलिक परिभाषा “गुड टेररिज्म” और “बैड टेररिज्म” से ऊपर उठकर आतंकवाद के विरुद्ध लडाई जारी करनी होगी और अपनी ही जनता को नस्लीय भेद के आधार पर जेनोसाइड करने जैसे कुकृत्य से बाहर निकलना होगा.

news desk

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