जोहरान ममदानी
अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में ऐतिहासिक मुकाबले के बाद भारतीय मूल के ज़ोहरान ममदानी ने मेयर चुनाव जीत लिया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तीखी आलोचनाओं और फंड रोकने की धमकियों के बावजूद, डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट पार्टी के इस उम्मीदवार ने जनता का भरोसा जीतकर शहर की सत्ता संभाल ली है.
1969 के बाद पहली बार हुआ रिकॉर्ड मतदान
34 वर्षीय ममदानी ने निर्दलीय उम्मीदवार और पूर्व गवर्नर एंड्रयू कुओमो तथा रिपब्लिकन प्रत्याशी कर्टिस स्लीवा को हराया. यह चुनाव “पोस्ट-ट्रंप एरा” का पहला महत्वपूर्ण चुनाव माना जा रहा था. अब अमेरिका के सबसे बड़े और आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण शहर न्यूयॉर्क की बागडोर ज़ोहरान ममदानी के हाथों में आ गई है.
शहर के चुनाव बोर्ड के अनुसार, इस बार रिकॉर्ड मतदान हुआ — करीब 20 लाख लोगों ने वोट डाले, जो 1969 के बाद सबसे ज़्यादा है. लगभग 85 लाख की आबादी वाले इस महानगर में ममदानी के उभार ने पारंपरिक राजनीतिक ढांचे और अभिजात वर्ग को झटका दिया है.
जनहितकारी एजेंडा जनता को भाया
ममदानी ने अपनी चुनावी मुहिम में आर्थिक असमानता को खत्म करने, सस्ती आवास व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार जैसे मुद्दों को केंद्र में रखा. उनका यह प्रगतिशील और जनहितकारी एजेंडा युवाओं और कामकाजी वर्ग में गूंज उठा.
उन्हें वर्मोंट के सीनेटर बर्नी सैंडर्स और न्यूयॉर्क की रिप्रेजेंटेटिव एलेक्जेंड्रिया ओकासियो-कोर्टेज़ जैसे प्रगतिशील नेताओं का भी समर्थन मिला. माना जा रहा है कि यह जीत न्यूयॉर्क की राजनीति में एक नया अध्याय खोल सकती है.
न बड़े सितारे, न महंगे सेट और न ही लंबा शूटिंग शेड्यूल छोटी टीम, सीमित…
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सियासी मुद्दों की नई जमीन तैयार…
जब दीपावली की अर्धरात्रि में चारों तरफ दीपों की टिमटिमाती रोशनी के बीच रहस्यमयी खामोशी…
दिल्ली का ऐतिहासिक जंतर-मंतर अब धरना-प्रदर्शनों का प्रमुख केंद्र नहीं रहेगा। कई वर्षों तक देशभर…
अगर आप भी त्योहार के सीजन में ट्रेन से सफर करने का सोच रहे हैं,…
जब पिच पर कदमों की सरसराहट थम जाती है और फ्लडलाइट्स की छांव में एक…