68वें ग्रैमी अवार्ड्स में म्यूजिक से ज़्यादा अब ‘कानूनी पंगे’ के चर्चे हैं। होस्ट ट्रेवर नोआ ने अपनी कॉमेडी की लिमिट क्या क्रॉस की, सीधे व्हाइट हाउस से उनको वॉर्निंग आ गई। डोनल्ड ट्रंप ने ऐलान कर दिया है कि वो ट्रेवर नोआ पर मानहानि का केस करने जा रहे हैं।
आखिर क्या था वो ‘Viral’ जोक?
शो के दौरान ट्रेवर नोआ ने बिली एलिश की जीत पर कमेंट करते हुए ट्रंप और कुख्यात जेफरी एपस्टीन के आइलैंड का ज़िक्र छेड़ दिया। नोआ ने मज़ाक में कहा:
“ट्रंप को ये ग्रैमी उतना ही चाहिए जितना उन्हें ग्रीनलैंड चाहिए था। वैसे भी एपस्टीन का आइलैंड तो अब रहा नहीं, तो उन्हें बिल क्लिंटन के साथ चिल करने के लिए अब कोई नया आइलैंड तो चाहिए ही होगा!”
हॉल में मौजूद सभी लोग ये सुन सन्न रह गए, लेकिन नोआ ने बात संभालते हुए कहा कि चूँकि ये उनका आखिरी ग्रैमी है, इसलिए उन्हें किसी का डर नहीं।
ट्रंप का ‘सोशल’ पर तांडव
जैसे ही यह जोक वायरल हुआ, डोनल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ट्रेवर नोआ की क्लास लगा दी। ट्रंप ने नोआ को “टैलेंटलेस लूजर” बताते हुए लिखा: “मैं कभी एपस्टीन के आइलैंड पर नहीं गया। नोआ ने सरासर झूठ बोला है। ‘और अब मेरे वकील तैयार हैं। नोआ से भारी हर्जाना वसूला जाएगा”। और तो और ट्रंप ने ग्रैमी को देखने लायक नहीं और बोरिंग करार दे दिया।
क्यों बढ़ गई है बात?
बात सिर्फ एक जोक की नहीं है। इस बार का ग्रैमी काफी ‘पॉलिटिकल’ रहा। रेड कार्पेट पर कई सेलेब्स ट्रंप की इमिग्रेशन नीतियों का विरोध करते दिखे। ऐसे में ट्रेवर नोआ का यह पर्सनल कमेंट आग में घी डालने जैसा साबित हुआ। इंटरनेट पर अब बहस छिड़ गई है जहा कुछ लोग इसे ‘Freedom of Speech’ कह रहे हैं, तो कुछ लोग ने इसे ‘बियॉन्ड द लिमिट’ मज़ाक करार दिया है।