वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी तनाव को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा गतिरोध अब खत्म हो गया है और तेहरान ने भविष्य में कभी परमाणु हथियार न बनाने पर सहमति जता दी है। हालांकि, ईरान ने अभी तक इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, जिससे इस शांति वार्ता पर सस्पेंस बना हुआ है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस शांति समझौते के ड्राफ्ट को इजराइल, सऊदी अरब, कतर, यूएई, तुर्किये और पाकिस्तान जैसे क्षेत्रीय देशों का समर्थन प्राप्त है। हालांकि, इजराइल का रुख इस समझौते को लेकर पहले से ही संदेहास्पद रहा है।
अहम बातें:
एक तरफ ट्रंप इसे अपनी बड़ी कूटनीतिक जीत बता रहे हैं, तो दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का मानना है कि जब तक दोनों देशों के बीच औपचारिक हस्ताक्षर नहीं हो जाते, तब तक इस ‘युद्ध विराम’ को अस्थायी माना जाना चाहिए। क्या वाकई ईरान परमाणु हथियारों की दौड़ से पीछे हटेगा, या यह सिर्फ एक और कूटनीतिक पैंतरा है? दुनिया की नजरें अब इस वीकेंड होने वाली बैठकों पर टिकी हैं।
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