वॉशिंगटन: ईरान के खिलाफ जारी अमेरिकी सैन्य अभियान के बीच ट्रंप प्रशासन में बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। महज 24 घंटे के अंदर दो अहम चेहरों को उनके पद से हटा दिया गया। अमेरिकी सेना के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल रैंडी जॉर्ज को तत्काल प्रभाव से रिटायर कर दिया गया, जबकि अटॉर्नी जनरल पैम बॉन्डी को भी पद छोड़ना पड़ा।
यह पूरा घटनाक्रम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्र के नाम संबोधन के कुछ ही घंटों बाद हुआ। अपने संबोधन में ट्रंप ने ईरान के खिलाफ चल रहे ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ को लगभग अपने लक्ष्य तक पहुंचा हुआ बताया। उन्होंने दावा किया कि ईरान की नौसेना और वायुसेना को भारी नुकसान पहुंचा है, बैलिस्टिक मिसाइल नेटवर्क और परमाणु कार्यक्रम बुरी तरह प्रभावित हुए हैं, जबकि कमांड सिस्टम भी कमजोर पड़ चुका है। व्हाइट हाउस ने भी कहा है कि अभियान का मुख्य फोकस ईरान की मिसाइल क्षमता, नौसेना और परमाणु रास्ते को खत्म करना है।
पेंटागन में बड़ा युद्धकालीन बदलाव
राष्ट्रपति के संबोधन के कुछ घंटों बाद रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने आर्मी चीफ जनरल रैंडी जॉर्ज को तुरंत पद छोड़ने का आदेश दिया। पेंटागन प्रवक्ता शॉन पार्नेल ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि जॉर्ज अब तत्काल सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उनकी जगह लेफ्टिनेंट जनरल क्रिस्टोफर ला नीव को कार्यवाहक चीफ ऑफ स्टाफ बनाया गया है। खास बात यह है कि यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष लगातार छठे सप्ताह में पहुंच चुका है।
न्याय विभाग में भी बड़ा उलटफेर
उधर राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर जानकारी दी कि अटॉर्नी जनरल पैम बॉन्डी अब निजी क्षेत्र में नई भूमिका संभालेंगी। हालांकि उन्होंने उनकी तारीफ करते हुए उन्हें वफादार सहयोगी बताया, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रंप पिछले कुछ समय से उनकी कार्यशैली से नाराज थे। खासकर जेफ्री एपस्टीन फाइल्स और राजनीतिक मामलों की जांच की गति को लेकर असंतोष बताया जा रहा है। फिलहाल डिप्टी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांच को कार्यवाहक अटॉर्नी जनरल बना दिया गया है।
वैश्विक बाजार पर भी असर
ईरान संघर्ष के लगातार बढ़ने से वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बनी हुई है। तेल की कीमतों में उछाल देखने को मिला है और निवेशकों की चिंता भी बढ़ी है। ऐसे में युद्ध के बीच प्रशासनिक फेरबदल ने राजनीतिक और रणनीतिक चर्चाओं को और तेज कर दिया है।