Trending News

ट्रंप बोले “डॉलर ग्रेट है”, लेकिन बाजार में फिसला ग्रीनबैक, ट्रंप के बयान के बाद भारतीय मुद्रा मजबूत

नई दिल्ली: भारतीय रुपया बुधवार को पिछले सत्र की मजबूती को आगे बढ़ाने के मूड में नजर आ रहा है। इसकी बड़ी वजह अमेरिकी डॉलर में आई तेज कमजोरी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने डॉलर की गिरावट को नजरअंदाज करते हुए उसे “ग्रेट” बताया, जिसके बाद डॉलर पर और दबाव बढ़ गया। इसका सीधा फायदा रुपए को मिला और डॉलर कई साल के निचले स्तर के आसपास फिसल गया।

1-महीने के नॉन-डिलिवरेबल फॉरवर्ड (NDF) बाजार के संकेतों के मुताबिक, रुपया आज अमेरिकी डॉलर के मुकाबले करीब 91.53 के स्तर पर खुलता दिखा। मंगलवार को रुपया 91.72 पर बंद हुआ था। लगातार दबाव झेलने के बाद मंगलवार को रुपए को थोड़ी राहत मिली थी, जब डॉलर में नरमी आई और एकतरफा डॉलर खरीद का ट्रेंड कमजोर पड़ा। इसी वजह से रुपया करीब 0.2% की हल्की बढ़त के साथ मजबूत हुआ।

ट्रंप के बयान से डॉलर और फिसला

डॉलर की कमजोरी उस वक्त और गहराई जब ट्रंप ने कहा कि डॉलर की गिरावट “ज्यादा नहीं” है और इसे सकारात्मक बताया। इस बयान के बाद डॉलर इंडेक्स करीब चार साल के निचले स्तर के पास पहुंच गया। ट्रंप की नीतियों, फेडरल रिजर्व की स्वतंत्रता पर उठते सवाल और टैरिफ को लेकर बनी अनिश्चितता ने निवेशकों का भरोसा कमजोर किया है, जिससे डॉलर की बिकवाली तेज हो गई।

हालांकि, रुपए की मजबूती की भी अपनी सीमाएं हैं। महीने के अंत में कॉर्पोरेट कंपनियों और इम्पोर्टरों की डॉलर मांग बढ़ सकती है। इसके अलावा विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की निकासी—जनवरी में करीब 3 से 4 अरब डॉलर—भी रुपए पर दबाव डाल सकती है। अमेरिका-भारत व्यापार वार्ताओं में देरी भी बाजार के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।

आगे क्या कहते हैं बाजार के संकेत

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) हल्का हस्तक्षेप जारी रखे हुए है, लेकिन किसी तय स्तर को बचाने के बजाय अस्थिरता को काबू में रखने पर ज्यादा फोकस है। 2025 में रुपया एशिया की सबसे कमजोर मुद्राओं में शामिल रहा और इसमें करीब 5-6% की गिरावट देखी गई। 2026 की शुरुआत में भी दबाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, लेकिन डॉलर की वैश्विक कमजोरी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद बनी हुई है।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अमेरिका-भारत के बीच व्यापार समझौता होता है या विदेशी निवेश दोबारा बढ़ता है, तो रुपया स्थिर हो सकता है। डॉलर की कमजोरी जहां मल्टीनेशनल कंपनियों के लिए राहत है, वहीं आयात महंगे होने से महंगाई का खतरा भी बना रह सकता है। फिलहाल बाजार की नजर आज के कारोबार पर टिकी है, जहां डॉलर की कमजोरी से रुपए को और सहारा मिल सकता है।

news desk

Recent Posts

नए वैरिएंट BA.3.2 के साथ फिर लौटा कोरोना !  Cicada वैरिएंट की एंट्री, कई देशों में बढ़ी निगरानी

काफी समय से कोविड संक्रमण को लेकर स्थिति शांत मानी जा रही थी। लोग बिना…

5 hours ago

‘तुतारी’ मिशन पर ब्रेक! BJP ने शिंदे को दिया साफ संदेश

महाराष्ट्र की सियासत में इन दिनों सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर ही रणनीतिक खींचतान देखने को…

10 hours ago

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले टेनिस स्टार लिएंडर पेस BJP में शामिल

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले Bharatiya Janata Party (BJP) ने बड़ा सियासी दांव खेलते…

11 hours ago

नासिक SEX स्कैंडल : ‘ज्योतिष’ के नाम पर यौन शोषण, अशोक खरात केस में नया खुलासा… महिलाओं को सम्मोहन के बाद…

अशोक खरात को लेकर रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं। उसकी गंदी हरकतों से जुड़े…

12 hours ago

Breaking News : बिहार के नालंदा में शीतला मंदिर में भगदड़, 8 श्रद्धालुओं की मौत, कई घायल

बिहार के नालंदा जिले में स्थित शीतला माता मंदिर में मंगलवार को उस वक्त बड़ा…

14 hours ago