नई दिल्ली: सिक्किम के नामची जिले में सोमवार को हुए भीषण भूस्खलन ने बड़ा हादसा खड़ा कर दिया। भूस्खलन के कारण निर्माणाधीन सुरंग का प्रवेश द्वार अवरुद्ध हो गया, जबकि सुरंग के भीतर गैस रिसाव की आशंका के बीच कम से कम सात लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों को आशंका है कि करीब 27 मजदूर अब भी सुरंग के अंदर फंसे हो सकते हैं। राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है।
मृतकों के शवों को सिंगतम जिला अस्पताल, एसटीएनएम अस्पताल (गंगटोक) और नामची जिला अस्पताल भेजा गया है। हादसा नामची जिले के समरडुंग-झोलुंगे क्षेत्र में निर्माणाधीन सुरंग के भीतर हुआ।
सुरंग में फंसे मजदूरों को निकालने की कोशिश तेज
प्रशासन के मुताबिक, सुरंग के भीतर फंसे श्रमिकों की सटीक संख्या की पुष्टि अभी नहीं हो सकी है, लेकिन शुरुआती अनुमान के अनुसार करीब 27 लोग अंदर मौजूद हो सकते हैं। बचाव दल लगातार सुरंग तक पहुंचने और फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास कर रहे हैं।
गैस रिसाव बना सबसे बड़ी चुनौती
राहत अभियान के दौरान सुरंग के भीतर गैस की मौजूदगी सबसे बड़ी बाधा बनकर सामने आई है। अधिकारियों के अनुसार, बचाव कार्य में जुटे कई कर्मियों को गैस के प्रभाव के कारण चक्कर आने और बेहोशी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा। आशंका जताई जा रही है कि भूस्खलन के बाद भूमिगत चट्टानी परतों से मीथेन गैस का रिसाव शुरू हुआ है, जिससे हालात और जटिल हो गए हैं।
कई एजेंसियां मिलकर चला रही हैं बचाव अभियान
नामची जिला प्रशासन के नेतृत्व में एनएचपीसी, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, सिक्किम पुलिस, फायर एंड इमरजेंसी सर्विस, स्वास्थ्य विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियां संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान में जुटी हुई हैं। सिक्किम स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (SSDMA) भी पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है।
पश्चिम बंगाल से भी पहुंची विशेष रेस्क्यू टीम
जिला कलेक्टर अनुपा तामलिंग ने बताया कि दोपहर करीब 3:40 बजे आपात सूचना मिलने के तुरंत बाद सभी एजेंसियों को सक्रिय कर दिया गया। एम्बुलेंस पहले से तैयार रखी गईं और गैस मास्क सहित सुरक्षा उपकरणों से लैस टीमें सुरंग के भीतर पहुंचने की कोशिश कर रही हैं।
उन्होंने बताया कि शुरुआती जानकारी के अनुसार पटेल इंजीनियरिंग के 21 और एनएचपीसी के छह कर्मचारी सुरंग में फंसे होने की आशंका है। बचाव अभियान को गति देने के लिए पश्चिम बंगाल से विशेष रेस्क्यू टीम भी गैस सुरक्षा उपकरणों के साथ मौके पर पहुंच चुकी है।
मीथेन गैस और कम दृश्यता से मुश्किल हुआ ऑपरेशन
प्रशासन के अनुसार, मीथेन गैस, संकरी सुरंग और बेहद कम दृश्यता के कारण राहत अभियान चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। फिलहाल प्राथमिकता सुरंग में फंसे सभी श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने की है। अधिकारियों ने कहा कि राहत कार्य पूरा होने के बाद हादसे के कारणों की विस्तृत जांच कराई जाएगी।
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