Trending News

प्रधानमंत्री के दौरे से पहले तिनसुकिया में मोरान समुदाय का जोरदार प्रदर्शन, प्रदर्शनकारियों ने दिया सरकार को 72 घंटे का अल्टीमेटम!

असम में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सियासत तेज हो गई है. एक तरफ सीएम हिमंता विस्वा सरमा और कांग्रेस नेता गौरव गोगोई के बीच बयानबाजी हो रही है तो वहीं मोरान और कोच राजबोंगशी समुदाय के जबरदस्त प्रदर्शन ने सरकार की चिंताएं बढ़ा दी हैं. 13 सितंबर को प्रधानमंत्री मोदी का असम दौरा भी प्रस्तावित है, लेकिन उससे पहले तिनसुकिया में हुए आंदोलन ने सरकार पर दबाव और बढ़ा दिया है.

15 सितंबर से आर्थिक नाकेबंदी की दी चेतावनी

असम के तिनसुकिया जिले में बुधवार शाम माहौल तब गर्मा गया, जब असम के मोरान और कोच राजबोंगशी समुदायों के करीब 20,000 लोगों ने दोनों समुदायों को अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने की मांग उठाते हुए सड़कों पर जुलूस निकाले. दरअसल दोनों समुदाय काफी समय से सरकार से एसटी दर्जा देने की मांगे उठा रहे थे. पर इस दिशा में अभी तक कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया है, जिसके बाद अब दोनों समुदायों का गुस्सा भड़क उठा है.

‘सभी सरकारों ने किया हमारे साथ विश्वासघात’

यह आंदोलन ऑल मोरन स्टूडेंट्स यूनियन (एएमएसयू) के नेतृत्व में शुरू हुआ, जो तलाप, काकोपाथर और मार्गेरिटा जैसे इलाकों में पिछले कई दिनों से हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बाद, तिनसुकिया में एक विशाल रैली के रूप में सामने आया.

बोरगुरी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के खेल मैदान से शुरू हुए इस जुलूस में भारी संख्या में पुरुषों और महिलाओं ने हिस्सा लिया. पूरे शहर में भारी सुरक्षा इंतज़ाम के बीच प्रदर्शनकारियों की मांगे तिनसुकिया की सड़कों पर गूंज उठीं.

एएमएसयू अध्यक्ष पोलिन्द्र बोरा ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि ‘भाजपा ने 2014 में वादा किया था कि सत्ता में आने के 100 दिनों के भीतर मोरान समेत छह समुदायों को एसटी का दर्जा दिया जाएगा, लेकिन दस साल बाद भी यह अधूरा है. यह सरकार हमारे साथ विश्वासघात कर रही है. अगर 2026 चुनाव से पहले हमारी मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन और तेज़ होगा.’

रैली के बाद तिनसुकिया पुलिस स्टेशन चारियाली में एक सभा भी हुई, जहां छात्र नेताओं ने समुदाय से एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने की अपील की है. प्रदर्शनकारियों ने साफ चेतावनी देते हुए यह भी कहा कि यदि सरकार 72 घंटे के भीतर उनकी मांगों पर कोई फैसला नहीं करती है, तो वे 15 सितंबर से आर्थिक नाकेबंदी शुरू करेंगे.

news desk

Recent Posts

नोएडा-ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में अधिकारियों पर कार्रवाई से जुड़ी पत्रावलियां, शासन ने मांगी रिपोर्ट

लखनऊ/नोएडा। नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से जुड़े एक मामले में दो अधिकारियों के खिलाफ…

11 hours ago

विवेक तिवारी हत्याकांड: 8 साल बाद आया कोर्ट का फैसला, सिपाही प्रशांत चौधरी दोषी करार, 21 सितंबर को सजा का ऐलान

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के बहुचर्चित विवेक तिवारी हत्याकांड में जिला अदालत ने…

16 hours ago

…यह है भारत का सबसे ऊंचा रेलवे स्टेशन, जहां पटरियों को छूते हैं बादल, टॉय ट्रेन से दिखता है कंचनजंगा का शानदार नजारा

दार्जिलिंग: क्या आप जानते हैं कि भारत का सबसे ऊंचा रेलवे स्टेशन कहां स्थित है?…

17 hours ago

दशहरा 2026 कब है 20 या 21 अक्टूबर ? जानें विजयादशमी की सही तिथि, रावण दहन का शुभ मुहूर्त और महत्व

नई दिल्ली: हिंदू पंचांग के अनुसार हर साल आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी…

17 hours ago

खत्म हुआ इंतजार! फ्लिपकार्ट बिग बिलियन डेज सेल की तारीख आई सामने, जानिए कब से मचेगी खरीदारी की धूम!

साल की सबसे बड़ी शॉपिंग सेल का इंतजार अब खत्म होने वाला है। फ्लिपकार्ट ने…

17 hours ago

यूपी चुनाव से पहले अखिलेश यादव का बड़ा ऐलान! विश्वकर्मा जयंती पर छुट्टी से लेकर रिवर फ्रंट पर मंदिर तक का किया वादा

लखनऊ: उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश…

17 hours ago