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बरसात में ये 5 गलतियां बना सकती हैं पौधों की जड़ों की दुश्मन, समय रहते नहीं सुधरे तो सूख जाएगा पूरा पौधा

नई दिल्ली: बरसात का मौसम पौधों की तेजी से बढ़त के लिए अनुकूल माना जाता है, लेकिन यही मौसम लापरवाही होने पर उनकी जड़ों के लिए सबसे बड़ा खतरा भी बन सकता है। जरूरत से ज्यादा नमी, पानी का जमाव और देखभाल में छोटी-छोटी चूक जड़ों को सड़ा सकती है। इसका असर पौधे की ग्रोथ पर पड़ता है और धीरे-धीरे पूरा पौधा खराब होने लगता है। ऐसे में मानसून के दौरान कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखकर पौधों को स्वस्थ और हरा-भरा बनाए रखा जा सकता है।

ड्रेनेज होल बंद होने से बढ़ता है खतरा

गमले के नीचे बना ड्रेनेज होल अतिरिक्त पानी को बाहर निकालने का काम करता है। कई बार मिट्टी या कचरे की वजह से यह छेद बंद हो जाता है, जिससे पानी गमले में जमा रहता है। लगातार पानी भरे रहने से जड़ों के सड़ने की आशंका बढ़ जाती है। इसलिए बारिश के मौसम में समय-समय पर ड्रेनेज होल की जांच करते रहें और अतिरिक्त पानी निकलने का रास्ता साफ रखें।

सख्त मिट्टी भी पहुंचाती है नुकसान

समय के साथ गमले की मिट्टी सख्त होने लगती है, जिससे जड़ों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती। इसका सीधा असर पौधे की सेहत पर पड़ता है और जड़ें कमजोर होने लगती हैं। इस समस्या से बचने के लिए समय-समय पर मिट्टी की हल्की गुड़ाई करें, ताकि हवा का प्रवाह बना रहे और जड़ें स्वस्थ रहें।

फंगल संक्रमण से जड़ें हो सकती हैं खराब

लगातार बारिश के बाद अचानक तेज धूप निकलने पर गमले में फफूंद और बैक्टीरिया तेजी से पनप सकते हैं। इसकी वजह से पौधे की जड़ें काली पड़ने लगती हैं और समय रहते ध्यान न देने पर पूरा पौधा खराब हो सकता है। पौधों को ऐसी जगह रखें जहां उन पर लगातार बारिश या तेज धूप का सीधा असर न पड़े और नियमित रूप से उनकी स्थिति पर नजर रखें।

बारिश में खुले में गमला छोड़ना पड़ सकता है भारी

लगातार बारिश होने पर गमले में जरूरत से ज्यादा पानी भर जाता है और मिट्टी अत्यधिक गीली बनी रहती है। ऐसी स्थिति जड़ों के लिए नुकसानदायक होती है। तेज बारिश के दौरान गमलों को शेड, बालकनी या किसी सुरक्षित स्थान पर रखना बेहतर माना जाता है, ताकि उनमें अतिरिक्त पानी जमा न हो।

गमले में सड़ी पत्तियां छोड़ना न करें नजरअंदाज

झड़ी हुई या सड़ी पत्तियां अगर लंबे समय तक गमले में पड़ी रहें तो उनमें बैक्टीरिया और फंगस विकसित होने लगते हैं। इससे जड़ों तक संक्रमण पहुंच सकता है। इसलिए गमले की नियमित सफाई करें और सूखी या सड़ी पत्तियों को तुरंत हटा दें।

अगर जड़ें सड़ने लगें तो तुरंत करें यह काम

यदि पौधे की जड़ों में सड़न दिखाई देने लगे तो उसे नजरअंदाज न करें। पौधे को सावधानी से गमले से निकालें और काली या सड़ी हुई जड़ों को साफ कैंची से काट दें। जरूरत पड़ने पर पौधे को नई और साफ मिट्टी में दोबारा लगाएं, ताकि वह फिर से स्वस्थ तरीके से बढ़ सके।

vineet verma

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