महामंडलेश्वर की तलाश तेज
अलीगढ़ के रोरावर क्षेत्र में बाइक शोरूम मालिक अभिषेक गुप्ता की हत्या अब एक सनसनीखेज क्राइम थ्रिलर में बदल चुकी है. घटना की जांच करते-करते पुलिस अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गई है, जहां एक महिला महामंडेश्वर, अवैध संबंध और हत्या की पूरी पटकथा मिली. इस केस की मुख्य आरोपी कोई आम महिला नहीं, बल्कि धार्मिक नेता महामंडलेश्वर अन्नपूर्णा भारती उर्फ पूजा शकुन पांडेय है, जिन पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित हो चुका है और गिरफ्तारी के लिए देश के तीन राज्यों में सर्च ऑपरेशन भी जारी है.
हत्या का षड्यंत्र: प्रेम और बदले की आग
पुलिस जांच के अनुसार, 26 सितंबर की रात को 25 वर्षीय अभिषेक गुप्ता की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. हत्या का आरोप पूजा और उसके पति अशोक पांडेय पर है, जिन्होंने दो शूटरों को तीन लाख रुपये की सुपारी दी थी. पुलिस सूत्रों का कहना है कि पूजा और अभिषेक के बीच पहले से प्रेम संबंध थे. जब अभिषेक ने दूरी बनानी चाही, तो पूजा ने उसे ‘दूर जाने नहीं देने’ की ठान ली और कथित रूप से हत्या की साजिश रच डाली.
पुलिस की चार टीमें और एक फरार महिला महामंडलेश्वर!
हत्या की रात के बाद से ही पूजा फरार है. उत्तर प्रदेश पुलिस ने राजस्थान और मध्यप्रदेश (उज्जैन) में टीमें भेजी हैं. सूत्रों के मुताबिक, वह किसी धार्मिक स्थल में छिपी हो सकती है, जहां भगवा वस्त्रों की आड़ में उसे पहचानना मुश्किल हो रहा है. पुलिस का दावा है कि वह एक दो दिन में गिरफ्त में आ सकती है. उसके लिए गैर-जमानती वारंट जारी हो चुका है और अब अगर वह जल्द हाजिर नहीं होती तो कुर्की और फरारी की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी.
पूरे नेटवर्क पर नजर
पूजा के रिश्तेदारों और करीबियों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाले गए हैं. पुलिस उन सभी लोगों से पूछताछ कर रही है, जो बीते दिनों में पूजा के लगातार संपर्क में थे. इस बात के भी सुराग मिले हैं कि घटना के अगले दिन यानी 27 सितंबर को पूजा ने एक ‘तर्पण कार्यक्रम’ रखा था, जिसमें राजनीतिक हस्तियों और संभवतः शूटरों की मौजूदगी देखी गई थी. इस कार्यक्रम की तस्वीरें और वीडियो अब पुलिस जांच का हिस्सा हैं.
महामंडलेश्वर से ‘आरोपी’ तक का सफर!
पूजा शकुन पांडेय को अखाड़ा निरंजनी ने तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया है. अखाड़े के पंचों ने माना कि यह एक संत के आचरण के विपरीत है. अखाड़ा परिषद ने अन्य महामंडलेश्वरों के खिलाफ भी जांच अभियान शुरू कर दिया है.
कोर्ट की अगली सुनवाई 7 अक्टूबर को
पूजा के वकील ने अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दाखिल की है. 7 अक्टूबर को न्यायालय में उसकी सुनवाई होगी. उधर उसके पति अशोक पांडेय की निचली अदालत से जमानत खारिज हो चुकी है और अब वह सत्र न्यायालय का रुख करने वाला है. पुलिस ने पूजा की संपत्तियों को जांच के घेरे में कर लिया है. कुछ स्थानों पर अवैध कब्जे की शिकायतें पहले भी आई थीं, लेकिन ‘महामंडलेश्वर’ की आड़ में कोई कार्रवाई नहीं हो सकी थी.
पूजा शकुन पांडेय खुद कुछ दिन पहले महात्मा गांधी के चित्र पर प्रतिकात्मक गोली चला कर सुर्खियों में आई थी. आज वो एक युवक की हत्या के मामले में वांक्षित है. यहां सवाल उठता है कि क्या पूजा शकुन पांडेय धर्म की आड़ में अपना काला धंधा चला रही थी?
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