कर्नाटक कांग्रेस नेतृत्व फैसला
कर्नाटक कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद को लेकर सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है. डीके शिवकुमार अपनी दावेदारी पर अड़े हैं, जबकि सिद्धारमैया न तो ढाई–ढाई साल के फॉर्मूले पर तैयार हैं और न ही फिलहाल कुर्सी छोड़ने के पक्ष में. ऐसे में दिल्ली में बैठा कांग्रेस आलाकमान बेहद सावधानी से कदम बढ़ा रहा है, क्योंकि उसके लिए सरकार भी जरूरी है और पार्टी का संतुलन भी.
सूत्रों के मुताबिक, सिद्धारमैया को फिलहाल 100 से अधिक विधायकों का समर्थन प्राप्त है, जबकि डीके शिवकुमार के पाले में कम विधायक नज़र आ रहे हैं. यही वजह है कि पार्टी हाईकमान दोनों पक्षों की दावेदारी को ध्यान से परख रहा है. डीके शिवकुमार के समर्थन में लॉबिंग जारी है, लेकिन सिद्धारमैया भी अपनी राजनीतिक पिच पर मजबूती से टिके हुए हैं.
इसी बीच खबर है कि शीर्ष नेतृत्व कर्नाटक को लेकर एक अलग रणनीति पर काम कर रहा है. सिद्धारमैया को अभी मुख्यमंत्री बनाए रखने के साथ-साथ उनके पोते को विधायक और फिर मंत्री बनाने की तैयारी भी चल रही है. बड़ा सवाल यह है कि ऐसी स्थिति में डीके शिवकुमार का क्या होगा?
आलाकमान का ताजा प्लान यह है कि सिद्धारमैया को समझाकर सत्ता परिवर्तन की समयसीमा ढाई साल से बढ़ाकर 3 साल या जरूरत पड़ी तो 4 साल कर दी जाए. बदले में वादा यह कि अगली सरकार बनने पर डीके शिवकुमार को पूरे 5 साल के लिए मुख्यमंत्री बनाया जाएगा.
पार्टी का मानना है कि सिद्धारमैया को मजबूत भूमिका में रखकर वे अगला चुनाव भी बेहतर तरीके से लड़ सकते हैं. साथ ही आंतरिक कलह को रोकने के लिए यह फार्मूला संतुलित माना जा रहा है.
चुनाव से पहले ही कांग्रेस ने सत्ता-साझेदारी का फॉर्मूला तय किया था.पहले ढाई साल सिद्धारमैया और बाद के ढाई साल डीके शिवकुमार. लेकिन ढाई साल का समय नजदीक आते ही डीके ने अपना दावा फिर से पेश कर दिया, और सिद्धारमैया ने मंत्रिमंडल फेरबदल की मांग कर तनाव को और बढ़ा दिया.
कुल मिलाकर, कांग्रेस हाईकमान इस समय किसी भी तरह की टूट-फूट या बगावत से बचना चाहता है और इसी मंथन के जरिए अगले चुनाव की तैयारी भी कर रहा है.
भारत में UPI से पेमेंट करना लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका…
गणेश चतुर्थी का भव्य पर्व शुरू हो चुका है और इसकी धूम बॉलीवुड तक भी…
कांग्रेस संगठन में लंबे समय से चल रही बदलाव की चर्चा अब निर्णायक दौर में…
अगर आप भी टीवी शोज और ड्रामों के दीवाने हैं, तो 78वें प्राइमटाइम एमी अवॉर्ड्स…
रियाद: यमन के हूती विद्रोहियों के हमलों के बीच सऊदी अरब ने अपनी अहम ईस्ट-वेस्ट…
लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सियासी हलचल तेज हो चुकी है। हर…