वर्ल्ड वार की आहट!
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के खिलाफ एक ऐसा बड़ा और सख्त कदम उठाया है, जिससे अब दोनों देशों के बीच जारी व्यापार तनाव खुले युद्ध में तब्दील होता दिख रहा है. दरअसल ट्रंप ने चीन के खिलाफ 100 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा कर दी है. जिसके बाद अब चीन से आयात शुल्क दर मौजूदा 40 फीसदी के साथ कुल 140 प्रतिशत तक पहुंच जायेगी.
ट्रंप ने दी चेतावनी
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, ‘चीन ने दुनिया को बंधक बनाने की कोशिश की है. इसलिए अमेरिका 1 नवंबर से चीन पर अतिरिक्त 100% टैरिफ लगाएगा.’ उन्होंने यह भी कहा कि अगर चीन ने कोई और उकसाने वाला कदम उठाया, तो यह फैसला तय समय से पहले भी लागू किया जा सकता है.
साथ ही, ट्रंप प्रशासन ने ‘महत्वपूर्ण सॉफ्टवेयर’ पर अमेरिकी निर्यात नियंत्रण लगाने की भी घोषणा की है, जिससे चीन के तकनीकी उद्योग को गहरा झटका लग सकता है.
ट्रंप ने चीन की हालिया नीतियों को “नैतिक अपराध” और “अभूतपूर्व आक्रामकता” बताते हुए कहा कि ‘बीजिंग ने रेयर अर्थ मिनरल्स (दुर्लभ खनिजों) के निर्यात पर जो नए नियंत्रण लगाए हैं, वे पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करेंगे. इन खनिजों का इस्तेमाल इलेक्ट्रॉनिक्स, बैटरी और चिप निर्माण में होता है, और अमेरिका वर्तमान में इन संसाधनों के लिए 80 प्रतिशत तक चीन पर निर्भर है’.
चीन ने लगाये थे दुर्लभ खनिजों पर सख्त प्रतिबंध
दरअसल, गुरुवार को चीन ने इन दुर्लभ खनिजों और उनसे जुड़ी तकनीकों के निर्यात पर सख्त प्रतिबंध लगाए थे. ट्रंप ने इसे “दुष्ट और शत्रुतापूर्ण कदम” करार देते हुए कहा कि ‘इससे दुनिया के हर देश की जिंदगी मुश्किल हो जाएगी.’
इस विवाद के बीच ट्रंप ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ होने वाली संभावित बैठक को रद्द करने की चेतावनी भी दी, जो दक्षिण कोरिया में होने वाले APEC शिखर सम्मेलन से पहले प्रस्तावित थी. हालांकि बाद में उन्होंने कहा कि ‘देखते हैं आगे क्या होता है’ जिससे संकेत मिला कि बातचीत के रास्ते पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं.
वैश्विक बाजारों में मची हलचल
ट्रंप की घोषणा के बाद शेयर बाजारों में जोरदार गिरावट देखी गई. न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज में डाउ जोन्स इंडेक्स 2.5 प्रतिशत गिर गया. वहीं एशियाई बाजार भी नहीं बचे—हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स 4 प्रतिशत लुढ़क गया. विशेषज्ञों का कहना है कि इस कदम से अमेरिकी उपभोक्ताओं पर महंगाई का बोझ बढ़ेगा क्योंकि इलेक्ट्रॉनिक्स, खिलौनों और घरेलू उपकरणों जैसे चीनी उत्पादों की कीमतें बढ़ जाएंगी.
आर्थिक विशेषज्ञों के मुताबिक, वर्तमान में चीन से आयात पर औसत अमेरिकी टैरिफ दर करीब 40 प्रतिशत है. नया शुल्क लागू होने के बाद यह दोगुना से ज्यादा हो जाएगा, जो वैश्विक व्यापार पर गहरा असर डाल सकता है. साथ ही इस बात का अंदेशा भी बढ़ रहा है कि अगर ट्रेड वार इसी तरह चलता रहा तो देशों के बीच तनाव भी बढ़ता जाएगा. जिससे वर्ल्ड वार की आशंका भी तेज हो रही है. क्योंकि पहले से ही दुनिया में कई वार फ्रंट खुले हुए हैं.
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