सियासी

53 लाख करोड़ के बजट पर छिड़ा बवाल! किसी को लगा दूरदर्शी तो किसी ने बताया ‘धोखा’

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए देश का आर्थिक बजट 2026 पेश कर दिया है। 53 लाख करोड़ रुपये से अधिक का यह बजट नौवीं बार पेश कर सीतारमण ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। सरकार का दावा है कि यह बजट आम आदमी, महिलाओं, किसानों और युवाओं की प्रगति को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। बजट में 7 नए रेल कॉरिडोर और गंभीर बीमारियों की दवाओं को सस्ता करने जैसे बड़े ऐलान किए गए हैं। हालांकि, इस बजट को लेकर देश की सियासत दो धड़ों में बंट गई है। एक तरफ जहाँ मोदी सरकार इसे ‘विकसित भारत’ की पक्की गारंटी बता रही है, वहीं विपक्ष ने इसे ‘दिशाहीन’ और ‘धोखा’ करार दिया है।

आइए जानते हैं, इस बजट पर देश के दिग्गज नेताओं ने क्या कहा और किसने बजट को दूरदर्शी बताया तो किसने ‘हकमारी’?

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा बजट पेश किए जाने के बाद पीएम मोदी ने देश को संबोधित किया और अनोखा बजट बताया है. उन्होंने कहा कि यह बजट ज़्यादा कैपिटल एक्सपेंडिचर और फिस्कल डेफिसिट को मैनेज करने के बीच संतुलन बनाता है. नरेंद्र मोदी ने कहा कि बजट कई सेक्टर्स को बराबर अहमियत देता है और 2047 में विकसित भारत के भारत के विजन का रास्ता साफ करता है.

वहीं, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट-2026-27 को दूरदर्शी और सर्वसमावेशी बताया। उन्होंने कहा कि यह 145 करोड़ भारतीयों की उम्मीदों का बजट है, जो अमृतकाल के लक्ष्यों को पूरा करेगा। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने 7% की ग्रोथ रेट का हवाला देते हुए इसे ‘गुड गवर्नेंस’ का प्रतीक बताया, तो एलजेपी नेता चिराग पासवान ने इसे विकसीत भारत का बजट करार देते हुए कहा की इस बजट से रोजगार निकलेगा.

बजट की चमक के बीच विपक्ष ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सीधे शब्दों में कहा कि ये एक ऐसा बजट जो सुधार करने से इनकार करता है और भारत के वास्तविक संकटों से पूरी तरह अनजान है.

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने बजट और शेयर बाजार में आई गिरावट को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है. अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर लिखा, आ गया भाजपाई बजट का परिणाम, शेयर मार्केट हुआ धड़ाम. अखिलेश यादव ने आगे लिखा, ‘2026 बजट में इस बजट में न आम जनता का जिक्र है न फ़िक्र. महंगाई बेतहाशा बढ़ने पर भी इस बजट में जनता को टैक्स में छूट न देना, ‘टैक्स-शोषण’ है. अमीरों के काम-कारोबार और घूमने-फिरने पर दस तरह की छूटें दी गईं हैं, लेकिन बेकारी-बेरोज़गारी से जूझ रहे लोगों की उम्मीदों की थाली, खाली है.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तो बजट को सिरे से खारिज करते हुए इसे ‘दिशाहीन’ बताया। उन्होंने बंगाल के साथ पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे अर्थव्यवस्था बर्बाद हो जाएगी। ममता ने कहा है कि बजट में एक भी पैसा बंगाल को नहीं दिया गया है. पंजाब के सीएम भगवंत मान ने भी तीखे तेवर दिखाते हुए कहा कि पंजाबियों के साथ ‘सौतेला व्यवहार’ हुआ है और किसानों की एमएसपी पर सरकार ने चुप्पी साध ली है।

कुल मिलाकर, बजट 2026 ने संसद से लेकर सोशल मीडिया तक बहस का ऐसा दौर शुरू किया है जो आने वाले कई दिनों तक थमता नजर नहीं आता।

Afifa Malik

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