नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में एक बार फिर तनाव की स्थिति देखने को मिली। छात्र संघ द्वारा निकाले गए विरोध मार्च के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। इस घटना से जुड़े कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिनमें कथित तौर पर कुछ छात्र सुरक्षाबलों के साथ धक्का-मुक्की और हमला करते दिखाई दे रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने मार्च के दौरान बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की और सुरक्षाकर्मियों पर लाठियां व अन्य सामान फेंका, जिससे कई पुलिसकर्मी घायल हुए। पुलिस के मुताबिक, कुछ कर्मियों को काटे जाने की भी शिकायत दर्ज की गई है। घटना के बाद कई छात्रों को हिरासत में लिया गया।
वहीं प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि पुलिस ने उन पर अत्यधिक बल प्रयोग किया। उनका कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर मार्च निकाल रहे थे।
बताया जा रहा है कि छात्र संघ ने विश्वविद्यालय परिसर से शिक्षा मंत्रालय तक ‘लॉन्ग मार्च’ का आह्वान किया था। जब प्रदर्शनकारियों ने मार्च को कैंपस से बाहर ले जाने की कोशिश की, उसी दौरान विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर पुलिस और छात्रों के बीच टकराव हो गया।
हिरासत में लिए गए छात्रों में अदिति मिश्रा (जेएनयूएसयू अध्यक्ष) और पूर्व अध्यक्ष नीतीश कुमार समेत कई अन्य शामिल बताए जा रहे हैं।
फिलहाल मामले को लेकर दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
बवाल की वजह क्या थी?
यह विरोध मार्च विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा हाल ही में एक पॉडकास्ट में की गई टिप्पणियों के खिलाफ निकाला गया था। प्रदर्शन यूजीसी मानदंडों के क्रियान्वयन, छात्रसंघ पदाधिकारियों के निलंबन और प्रस्तावित ‘रोहित अधिनियम’ को लेकर जारी असंतोष का हिस्सा बताया जा रहा है।
प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि उनके खिलाफ अत्यधिक बल प्रयोग किया गया। उनका कहना है कि झड़प में कई छात्र घायल हुए और कुछ को पुलिस द्वारा कथित तौर पर अज्ञात स्थानों पर ले जाया गया।
वहीं पुलिस का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि परिसर के बाहर किसी भी प्रकार के विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं है और छात्रों को कैंपस के भीतर ही प्रदर्शन करने की सलाह दी गई थी।
पुलिस के अनुसार, इसके बावजूद लगभग 400 से 500 छात्र परिसर में एकत्र हुए और विरोध प्रदर्शन शुरू किया। दोपहर करीब 3:20 बजे प्रदर्शनकारियों ने मुख्य द्वार से बाहर निकलकर शिक्षा मंत्रालय की ओर मार्च करने की कोशिश की, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई।