हरियाणा के पंचकूला में 6 साल की केजी छात्रा पर जानलेवा हमले के मामले में शिक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। सेक्टर-20 स्थित राजकीय संस्कृत प्राथमिक विद्यालय (संस्कृति मॉडल स्कूल) की दो जेबीटी शिक्षिकाओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं, पुलिस ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की है। घटना के बाद स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
स्कूल में हुई घटना के बाद जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने जेबीटी शिक्षिका सिमरनजीत कौर और पूजा रानी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी किए हैं। दोनों शिक्षिकाओं पर मामले में लापरवाही बरतने के आरोप हैं। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय, पंचकूला निर्धारित किया गया है।
शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई को स्कूल में बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामले में जवाबदेही तय करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
पंचकूला की डीसीपी अदिति सिंह के मुताबिक, 28 अक्टूबर को हुई घटना में घायल छह वर्षीय बच्ची का चंडीगढ़ स्थित पीजीआई में इलाज चल रहा है। उसकी हालत अब स्थिर है और वह खतरे से बाहर बताई गई है। बच्ची के माता-पिता अस्पताल में उसके साथ मौजूद हैं।
पुलिस के अनुसार, मामले में आठ वर्षीय छात्र की भूमिका की जांच की जा रही है। बच्चे का मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन बाल विशेषज्ञों की देखरेख में कराया जा रहा है। आगे की कार्रवाई जांच और मूल्यांकन से जुड़ी रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।
पुलिस ने शुरुआती जांच में स्कूल प्रबंधन की गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद बीएनएस और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की है। मामले की जांच जारी है।
इस घटना ने स्कूल परिसर में छोटे बच्चों की सुरक्षा, शिक्षकों की निगरानी और प्रशासनिक जिम्मेदारी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। डीसीपी अदिति सिंह ने बताया कि पंचकूला के सभी स्कूलों के लिए बच्चों की सुरक्षा से संबंधित अनिवार्य मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जल्द जारी की जाएगी।
इसका उद्देश्य स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी दिशा-निर्देश तय करना है।
हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (HSCPCR) ने भी घटना का स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने पंचकूला के जिला शिक्षा अधिकारी से मामले में विस्तृत और बिंदुवार तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है।
आयोग की कार्रवाई के बाद अब मामले में शिक्षा विभाग की भूमिका और स्कूल में सुरक्षा से जुड़े इंतजामों की जांच भी महत्वपूर्ण हो गई है।
अस्पताल में भर्ती बच्ची के परिजनों ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा किया है। परिवार ने लोगों से बच्ची के जल्द स्वस्थ होने के लिए प्रार्थना करने की भावुक अपील की है।
फिलहाल बच्ची का इलाज जारी है और पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। शिक्षा विभाग की कार्रवाई, स्कूल प्रबंधन के खिलाफ दर्ज एफआईआर और बाल अधिकार संरक्षण आयोग की ओर से मांगी गई रिपोर्ट के बाद मामले में आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।
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