Trending News

Gen Z Baba: 19 साल की उम्र में मंदिर के पीठाधीश्वर बने शाश्वत आचार्य, 4 साल की उम्र से सुनाने लगे थे भागवत कथा

आमतौर पर 19 साल की उम्र में युवा कॉलेज, करियर और अपने भविष्य को लेकर सपने देख रहे होते हैं, लेकिन वृंदावन के शाश्वत आचार्य जी महाराज की पहचान इससे बिल्कुल अलग है। महज चार साल की उम्र से भागवत कथा और धार्मिक प्रवचनों से जुड़े शाश्वत आचार्य आज 19 साल की उम्र में वृंदावन के श्री धाम गोदा विहार मंदिर के पीठाधीश्वर बताए जाते हैं। कम उम्र, आध्यात्मिक जीवनशैली और कथा वाचन की वजह से वह इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। इंटरनेट पर लोग उन्हें ‘Gen Z Baba’ के नाम से बुला रहे हैं।

चार साल की उम्र में मंच से सुनाने लगे थे कथा

परिवार के मुताबिक, शाश्वत आचार्य का झुकाव बचपन से ही धार्मिक ग्रंथों और आध्यात्मिक गतिविधियों की ओर था। बताया जाता है कि जब उनकी उम्र महज चार साल थी, तब वह दूसरे बच्चों की तरह खिलौनों में कम और श्रीमद्भगवद्गीता के श्लोकों के उच्चारण में अधिक रुचि लेते थे।कौन हैं

परिवार का दावा है कि उन्होंने इसी उम्र में मंच पर बैठकर छोटी-छोटी कथाएं और प्रवचन देना शुरू कर दिया था। धीरे-धीरे उनकी कथा वाचन शैली और मधुर वाणी ने लोगों का ध्यान खींचना शुरू किया। समय के साथ कथा सुनने वालों की संख्या भी बढ़ती गई।

कौन हैं शाश्वत आचार्य जी महाराज?

श्री स्वामी शाश्वत आचार्य जी महाराज का जन्म 5 अगस्त 2007 को वृंदावन में हुआ था। उनके पिता स्वामी वृंदावन आचार्य जी महाराज भी संत हैं। धार्मिक वातावरण में पले-बढ़े शाश्वत आचार्य को वृंदावन के श्री धाम गोदा विहार मंदिर का पीठाधीश्वर बताया जाता है।

उनके मामा आशुतोष शुक्ला के मुताबिक, शाश्वत महाराज फिलहाल अपनी पढ़ाई और दीक्षा से जुड़ी प्रक्रिया में हैं तथा परिवार के साथ वृंदावन में रहते हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उनकी पढ़ाई मथुरा के गिरिराज महाराज लॉ कॉलेज में बीए-एलएलबी पाठ्यक्रम से जुड़ी बताई गई है। हालांकि, उनकी मौजूदा शैक्षणिक स्थिति और डिग्री पूरी होने की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

घुंघराले बाल, वैष्णव तिलक और सादगी ने खींचा ध्यान

सोशल मीडिया पर शाश्वत आचार्य की लोकप्रियता की एक वजह उनका अलग व्यक्तित्व भी है। कंधों तक घुंघराले बाल, माथे पर वैष्णव तिलक और शांत स्वभाव वाली उनकी तस्वीरें और वीडियो लोगों का ध्यान खींच रहे हैं।

कम उम्र में धार्मिक मंचों पर उनकी मौजूदगी और आध्यात्मिक जीवनशैली को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई यूजर्स उन्हें ‘Gen Z Baba’ कहकर संबोधित कर रहे हैं। उनकी कथाओं और प्रवचनों को लेकर भी लोगों में दिलचस्पी बढ़ रही है।

कम उम्र में आध्यात्मिक पहचान बनी चर्चा का विषय

आज के डिजिटल दौर में जहां युवा सोशल मीडिया, तकनीक और आधुनिक जीवनशैली के बीच अपनी पहचान बना रहे हैं, वहीं शाश्वत आचार्य का आध्यात्मिक सफर लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

हालांकि, उनकी लोकप्रियता के पीछे केवल कम उम्र नहीं, बल्कि बचपन से धार्मिक गतिविधियों से जुड़ाव और कथा वाचन भी अहम वजह बताए जाते हैं। चार साल की उम्र से शुरू हुआ उनका यह सफर 19 साल की उम्र में उन्हें एक अलग पहचान दिला रहा है। यही वजह है कि वृंदावन के इस युवा संत को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा हो रही है।

news desk

Recent Posts

INDIA Rally: राहुल गांधी का BJP पर बड़ा आरोप, बोले- कनॉट प्लेस में जबरन दुकानें बंद कराईं

नई दिल्ली। दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली…

1 hour ago

INDIA Rally: रामलीला मैदान की ओर राहुल-अखिलेश का मार्च, ओपन बस में दिखी विपक्षी एकजुटता, BJP ने भी खोला मोर्चा

नई दिल्ली। दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA ब्लॉक की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली…

2 hours ago

INDIA Rally: रामलीला मैदान में विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन, SIR के खिलाफ 23 दलों की महारैली, राहुल-अखिलेश समेत दिग्गज नेता जुटे

दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को कांग्रेस के नेतृत्व वाले INDIA गठबंधन की 'वोट…

3 hours ago

रिटायरमेंट के 3 महीने बाद चुनावी मैदान में उतरे पूर्व IAS, धामपुर से BJP टिकट का किया ऐलान

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक और पूर्व नौकरशाह की एंट्री ने बिजनौर की धामपुर…

4 hours ago

6 साल की बच्ची पर हमले के बाद एक्शन, दो JBT शिक्षिकाएं सस्पेंड; स्कूल प्रबंधन पर FIR

हरियाणा के पंचकूला में 6 साल की केजी छात्रा पर जानलेवा हमले के मामले में…

5 hours ago