विवाह ! हर स्त्री न जाने कितने सपने, कितनी आकांक्षाएं लेकर इस नए जीवन में प्रवेश करती है. खुशियों से…
‘उस रात प्रेमचंद को नींद नहीं आ रही थी. रात के एक बजने को हो आये थे, पर उनकी आंखों…