रांची: झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन सोमवार को 24वें दिन भी जारी है। इसी बीच राज्य सरकार ने आंदोलनरत छात्रों को आज यानी 17 अगस्त को दोपहर 2 बजे बातचीत के लिए बुलाया है। सरकार की ओर से छात्रों को उनके विधिक सलाहकारों के साथ वार्ता में शामिल होने का प्रस्ताव दिया गया है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस बातचीत के बाद 20 अगस्त को प्रस्तावित मुख्यमंत्री आवास घेराव का कार्यक्रम टलेगा या छात्र अपने आंदोलन को और तेज करेंगे।
छात्रों को सरकार की ओर से बातचीत के प्रस्ताव की जानकारी अनुमंडल पदाधिकारी और एडीएम, लॉ एंड ऑर्डर की ओर से दी गई है। छात्रों का आंदोलन JPSC और JSSC की नियुक्तियों में कथित घोटाले और व्यापक भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर चल रहा है।
आंदोलनकारी JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने के साथ ही भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं की CBI जांच की मांग कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस फैसला नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
सरकार और छात्रों के बीच इससे पहले भी बातचीत के दौर हो चुके हैं। इन वार्ताओं में परीक्षा सुधार से जुड़ी कई मांगों पर सहमति बनने की बात सामने आई थी। सरकार की ओर से 14वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा और बैकलॉग सिविल सेवा परीक्षा को रद्द करने की घोषणा भी की गई है।
हालांकि JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की CBI जांच की मांग पर अभी भी गतिरोध बना हुआ है। यही दोनों मुद्दे छात्रों और सरकार के बीच बातचीत में सबसे अहम बने हुए हैं।
छात्रों के JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच ने पहले ही 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास घेराव का ऐलान कर रखा है। मंच का कहना है कि उस दिन राज्य के अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी रांची पहुंचेंगे और मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे।
आंदोलनकारी मंच ने पहली बार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग भी उठाई है। रविवार को छात्रों ने मार्च निकालकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। अल्बर्ट एक्का चौक पर पुतला दहन के बाद आंदोलनकारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।
आंदोलन के दौरान कुछ छात्र भूख हड़ताल पर भी बैठे हैं। रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्र नेता प्रेम नायक समेत अन्य प्रदर्शनकारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रखे हुए हैं। आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि उनकी मांगों को लेकर सरकार को गंभीरता से फैसला लेना चाहिए।
छात्र नेताओं के मुताबिक आंदोलन का 24वां दिन है और उनके कुछ साथी पिछले 13 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। ऐसे में आज होने वाली सरकार और छात्रों की बातचीत को आंदोलन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
छात्र नेताओं ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा है। उनका कहना है कि राहुल गांधी ने पहले छात्रों की मांगों का समर्थन किया था, लेकिन अब उन्हें राज्य सरकार के प्रति अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।
आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि अब तक प्रदर्शन शांतिपूर्ण और गांधीवादी तरीके से किया गया है। हालांकि, सरकार की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने आंदोलन को और तेज करने का फैसला किया है।
अब सभी की नजर 17 अगस्त को दोपहर 2 बजे होने वाली सरकार और छात्रों की वार्ता पर है। बैठक में यदि JSSC-CGL परीक्षा और CBI जांच की मांग पर कोई ठोस सहमति बनती है, तो 20 अगस्त के प्रस्तावित घेराव को लेकर स्थिति बदल सकती है। वहीं, गतिरोध कायम रहने पर छात्रों के आंदोलन के और तेज होने की संभावना है।
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