तेहरान/वॉशिंगटन। छह सप्ताह के भीषण तनाव और युद्ध जैसे हालातों के बाद ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को अस्थायी रूप से खोलने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, लेकिन व्यापारिक जहाजों के लिए खतरा अभी टला नहीं है। ईरान ने जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों के लिए नई नेविगेशन एडवाइजरी जारी की है, जिसमें समुद्र में बिछी ‘खदानों’ (Mines) के प्रति आगाह किया गया है।
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने समुद्री सुरक्षा को देखते हुए जहाजों के लिए नए प्रवेश और निकास मार्ग (Entry/Exit Routes) निर्धारित किए हैं:
मंगलवार को अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम पर सहमति बनी है। इस समझौते में पाकिस्तान ने महत्वपूर्ण मध्यस्थ (Mediator) की भूमिका निभाई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि यह सीजफायर इसी शर्त पर हुआ है कि ईरान वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति के लिए होर्मुज के रास्ते को फिर से सुचारू करेगा।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण ‘ऑयल चोकपॉइंट’ है। वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20% (पांचवां हिस्सा) इसी 34 किलोमीटर चौड़े समुद्री मार्ग से होकर गुजरता है। इस मार्ग के आंशिक रूप से खुलने से अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता आने की उम्मीद है।
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