उत्तर प्रदेश में युवा तेज गेंदबाजों को मंच देने के लिए शुरू किए गए ‘स्पीड हंट’ का असर अब यूपी टी20 लीग के सीजन-4 में भी दिखाई देगा। इस पहल से सामने आए युवा पेसर्स ने अपनी रफ्तार से फ्रेंचाइजी टीमों का ध्यान खींचा और नीलामी में भी उन पर भरोसा जताया गया। मंच पर मौजूद अलग-अलग टीमों के कप्तानों ने इन खिलाड़ियों की क्षमता की सराहना करते हुए इसे भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए अहम पहल बताया।
लखनऊ फाल्कन्स के कप्तान भुवनेश्वर कुमार ने ‘स्पीड हंट’ की तारीफ करते हुए कहा कि तेज गेंदबाज होने के नाते वह अच्छी तरह समझते हैं कि 140 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा की रफ्तार से लगातार गेंदबाजी करना कितना मुश्किल और खास है।
उन्होंने कहा कि इस तरह के प्लेटफॉर्म से युवा खिलाड़ियों को सीधे बड़े स्तर पर पहुंचने का मौका मिलता है। इससे फ्रेंचाइजी टीमों को नए विकल्प मिलते हैं और भारतीय क्रिकेट के भविष्य को भी मजबूती मिलती है। भुवनेश्वर ने इन युवा गेंदबाजों के साथ काम करने और उन्हें जरूरी मार्गदर्शन देने को लेकर उत्साह जताया।
मेरठ मावेरिक्स के कप्तान रिंकू सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की कोई कमी नहीं है, जरूरत सिर्फ उन्हें सही अवसर देने की है।
रिंकू के मुताबिक, ‘स्पीड हंट’ के जरिए चुने गए गेंदबाजों में रफ्तार के साथ आगे बढ़ने की जबरदस्त भूख भी है। उन्होंने कहा कि इन पेसर्स का नेट्स और मैचों में सामना करना बल्लेबाजों के लिए भी एक बड़ी चुनौती होगी।
कानपुर, नोएडा और गोरखपुर की टीमों के कप्तान समीर रिजवी, माधव कौशिक और आर्यन जुयाल ने भी इस पहल की सराहना की। तीनों का कहना था कि बिना ट्रायल फीस के आयोजित इस तरह के टैलेंट हंट से दूर-दराज के इलाकों में मौजूद खिलाड़ियों को बड़े मंच तक पहुंचने का मौका मिला है।
उन्होंने कहा कि नीलामी में इन युवा तेज गेंदबाजों के लिए लगी बोलियां इस बात का संकेत हैं कि फ्रेंचाइजी टीमें उनकी क्षमता पर भरोसा कर रही हैं।
‘स्पीड हंट’ से चुने गए युवा खिलाड़ी अब यूपी टी20 लीग सीजन-4 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के बड़े सितारों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करते नजर आएंगे। उनके लिए यह सिर्फ एक लीग में खेलने का मौका नहीं, बल्कि अपने खेल को उच्च स्तर पर साबित करने का बड़ा अवसर होगा।
गवर्निंग काउंसिल के मुताबिक, ‘स्पीड हंट’ को सिर्फ नीलामी में खिलाड़ियों की संख्या या लगी बोलियों के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। यह उत्तर प्रदेश के उन युवा क्रिकेटरों के लिए एक बड़ा प्लेटफॉर्म है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद भारतीय क्रिकेट में अपनी पहचान बनाने का सपना देखते हैं।
‘स्पीड हंट’ की सबसे बड़ी खासियत यही है कि इसने युवा तेज गेंदबाजों को पारंपरिक रास्तों से अलग एक ऐसा मंच दिया, जहां उनकी रफ्तार और प्रतिभा सीधे फ्रेंचाइजी टीमों की नजर में आई। अब यूपी टी20 लीग का आगामी सीजन इन खिलाड़ियों के लिए खुद को साबित करने का अगला पड़ाव होगा।
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