Sign In
  • My Bookmarks
Indian Press House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • अन्य
  • Entertainment
  • बाजार
  • लाइफस्टाइल
Reading: इच्छाओं,अंतरंगता और संवाद की नई भाषा सिखाती है Speak Easy! सीमा आनंद ने बताया- “सेक्स पर चुप्पी तोड़ना क्यों है जरूरी ?”
Share
Indian Press HouseIndian Press House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • अन्य
  • Entertainment
  • बाजार
  • लाइफस्टाइल
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • अन्य
  • Entertainment
  • बाजार
  • लाइफस्टाइल
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
Indian Press House > Blog > फीचर > इच्छाओं,अंतरंगता और संवाद की नई भाषा सिखाती है Speak Easy! सीमा आनंद ने बताया- “सेक्स पर चुप्पी तोड़ना क्यों है जरूरी ?”
फीचर

इच्छाओं,अंतरंगता और संवाद की नई भाषा सिखाती है Speak Easy! सीमा आनंद ने बताया- “सेक्स पर चुप्पी तोड़ना क्यों है जरूरी ?”

Gopal Singh
Last updated: January 12, 2026 2:44 pm
Gopal Singh
Share
Speak Easy किताब समीक्षा सीमा आनंद
Speak Easy किताब समीक्षा सीमा आनंद
SHARE

आज के दौर में जब हर जानकारी एक क्लिक पर मौजूद है, तब भी इच्छा, अंतरंगता और यौन स्वास्थ्य जैसे विषय समाज में आज तक फुसफुसाहट के स्तर से ऊपर नहीं आ पाए हैं। रिश्तों में खुलकर बात करना, अपने शरीर को समझना और अपनी लालसा को स्वीकार करना अब भी “शर्म” और “संकोच” की दीवारों में कैद है। ऐसे माहौल में सीमा आनंद एक साहसी और संवेदनशील आवाज़ के रूप में सामने आती हैं, जो न सिर्फ इस चुप्पी को तोड़ती हैं, बल्कि उसे समझ, करुणा और ज्ञान से भर देती हैं। नवंबर 2025 में प्रकाशित उनकी किताब Speak Easy: A Field Guide to Love, Longing and Intimacy इसी कोशिश का विस्तार है—एक ऐसी किताब जो उपदेश नहीं देती, बल्कि हाथ पकड़कर साथ चलती है।

शर्म से संवाद तक का सफर

Speak Easy कोई साधारण सेल्फ-हेल्प किताब नहीं है। यह सेक्स-एजुकेशन मैनुअल और एक भरोसेमंद दोस्त की बातचीत का अनोखा मेल है। सीमा आनंद, जो एक कहानीकार, माइथोलॉजिस्ट और सेक्स एजुकेटर हैं, ने दशकों के अनुभव, आधुनिक थेरेपी और विशेषज्ञों के साथ संवाद को इस किताब में पिरोया है। यह किताब उन सवालों को केंद्र में रखती है, जिन्हें लोग अक्सर अपने मन में दबा लेते हैं—क्योंकि समाज ने उन्हें पूछने की इजाजत ही नहीं दी। प्रेम, चाहत और सेक्स को यहां न तो पाप माना गया है और न ही सनसनी, बल्कि इंसानी अनुभव का स्वाभाविक हिस्सा बताया गया है।

सीमा आनंद का मानना है कि जब तक हम सवाल पूछने से डरते रहेंगे, तब तक रिश्तों में भ्रम और असंतोष बना रहेगा। Speak Easy इसी डर को धीरे-धीरे हटाती है और पाठक को यह एहसास दिलाती है कि जिज्ञासा और संवाद कमजोरी नहीं, बल्कि समझ की पहली सीढ़ी हैं।

प्राचीन ज्ञान और आधुनिक रिश्तों का संगम

सीमा आनंद प्राचीन भारतीय ग्रंथों, खासकर कामसूत्र, की विशेषज्ञ हैं। वे बार-बार यह याद दिलाती हैं कि पुरानी सभ्यताओं में स्त्री शरीर को शर्म का विषय नहीं, बल्कि आनंद और ज्ञान का स्रोत माना जाता था। जनवरी 2026 में शुभंकर मिश्रा के पॉडकास्ट में दिए गए एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि कामसूत्र में पुरुषों को तोते से घंटों बातचीत करने की सलाह दी गई है, ताकि वे संवाद करना और भावनाओं को व्यक्त करना सीखें।

आज के डिजिटल युग में, जहां डेटिंग ऐप्स और ऑनलाइन कनेक्शन की भरमार है, वहां संवाद की कमी और भी गहरी हो गई है। Speak Easy इसी खालीपन की ओर इशारा करती है। सीमा संस्कृत के “रस” की अवधारणा को सामने रखती हैं, जहां आनंद को केवल सुख नहीं, बल्कि आत्म-ज्ञान का मार्ग माना गया है। वे स्व-आनंद को आत्म-सम्मान से जोड़ती हैं और इसे पीढ़ीगत मानसिक घावों को भरने का एक प्रभावी तरीका मानती हैं। किताब में साइकोसेक्शुअल थेरेपिस्ट डॉ. अन्विता मदन-बहेल के साथ मिलकर यौन स्वास्थ्य पर बिना किसी जजमेंट के व्यावहारिक सलाह दी गई है, जो इसे और भी विश्वसनीय बनाती है।

चुप्पी नहीं, बातचीत ही समाधान

सीमा आनंद उन मुद्दों पर भी खुलकर बात करती हैं, जिन्हें समाज अक्सर विवादास्पद मानता है—जैसे प्री-मैरिटल सेक्स, पॉलीएमोरी और कंडोम से जुड़े मिथक। उनका साफ कहना है कि प्री-मैरिटल सेक्स अपने आप में न तो सही है और न गलत; असली बात परिपक्वता, सुरक्षा और सहमति की है। उन्होंने यह भी साझा किया कि उनके बच्चों ने शादी से पहले अंतरंगता का अनुभव किया और उन्होंने इसे सामान्य माना। पॉलीएमोरी को लेकर वे कहती हैं कि यह सिर्फ “रिश्ते बदलने” की बात नहीं, बल्कि गहरी सहमति, ईमानदारी और भावनात्मक जिम्मेदारी पर आधारित होता है।

जनवरी 2026 में वायरल हुए एक पॉडकास्ट में उन्होंने एक 15 साल के लड़के द्वारा अभद्र भाषा में किए गए प्रपोजल की घटना साझा की, जो युवाओं में यौन शिक्षा की भारी कमी को उजागर करती है। पोडकास्ट के दौरान सीमा से पूछा गया की क्या उन्होंने कभी अपने पति को चीट किया है ? इस पर उन्होंने कहा-“ ऑफ कोर्स मैं भी इंसान हूँ…”

सीमा का मानना है कि चुप्पी कभी भी शुद्धता नहीं लाती, बल्कि विकास को रोक देती है। जब हम बात नहीं करते, तब गलतफहमियां और डर हमारी जगह ले लेते हैं। Speak Easy किसी नियम-पुस्तिका की तरह नहीं, बल्कि एक मुक्त करने वाले अनुभव की तरह सामने आती है। यह पाठक को यह भरोसा देती है कि उसकी चाहत, उसका शरीर और उसके सवाल गलत नहीं हैं। सीमा आनंद प्राचीन ज्ञान और आधुनिक ज़रूरतों के बीच एक मजबूत पुल बनाती हैं। आज, जब रिश्ते तेजी से बदल रहे हैं और पुराने ढांचे टूट रहे हैं, यह किताब हमें बिना डर अपनी लालसा को आवाज़ देने की हिम्मत देती है। क्योंकि सच्ची अंतरंगता वहीं से शुरू होती है, जहां हम खुलकर बोल पाते हैं—जहां हम सच में Speak Easy कर पाते हैं।

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

TAGGED: body positivity, communication in relationships, consent, emotional intimacy, Indian mythology and sex, intimacy, Kamasutra, modern relationships, polyamory, premarital sex, relationships, Seema Anand, sex education, sexual health, Speak Easy
Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article ब्रिस्बेन के सेंटर कोर्ट पर टेनिस के साथ ‘लव गेम’, सबालेंका का बयान वायरल
Next Article सुनील ग्रोवर की मिमिक्री ने कर दिया बड़ा खेल! जब सुनील ग्रोवर की मिमिक्री ने कर दिया बड़ा खेल! आमिर खान को उनके ही ऑफिस से गार्ड ने निकाला बाहर

फीचर

View More

अग्निपरीक्षा ले रही मई की धूप: बांदा से लेकर दिल्ली तक हाहाकार, पर क्या आप जानते हैं भारत में कब और कहां पड़ा है गर्मी का सबसे बड़ा टॉर्चर?

नई दिल्ली/लखनऊ। मई का महीना आते ही पूरे उत्तर और मध्य भारत में सूरज के तेवर तल्ख हो गए हैं।…

By news desk 6 Min Read

भारत में 21 करोड़ लोग “HyperTension” का शिकार! 6.75 करोड़ लोग हैं बेखबर? जानिए इस ‘साइलेंट किलर’ का पूरा इतिहास

जब हम हाई ब्लड प्रेशर का नाम सुनते हैं, तो आमतौर पर…

7 Min Read

NASA वैज्ञानिक का ‘मौत’ से तीन बार साक्षात्कार: क्या मृत्यु सिर्फ एक भ्रम है? इंग्रिड होनकाला के दावों ने विज्ञान को दी चुनौती

वॉशिंगटन/बोगोटा। क्या मौत वाकई जीवन की 'पूर्णविराम' है, या फिर यह किसी…

4 Min Read

विचार

View More
भारत–पाकिस्तान क्रिकेट राइवलरी

रिंकू का ओवर और राइवलरी का बदलता अर्थ: क्या भारत–पाक मुकाबले से गायब हो गई वो अनिश्चितता?

रिंकू का ओवर और राइवलरी का बदलता अर्थ : भारत–पाकिस्तान…

February 16, 2026

भाग-3 : सत्याग्रह का दार्शनिक आधार: टॉल्स्टॉय, गीता और जैन अहिंसा

वैश्विक गांधी: Mandela, King, Einstein ...गांधी…

February 5, 2026

महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर विशेष : दक्षिण अफ़्रीका-अपमान, प्रतिरोध और सत्याग्रह का जन्म

1893 में जब महात्मा गांधी दक्षिण…

January 30, 2026

भाग–1 : दक्षिण अफ़्रीका से आधुनिक भारत तक… गांधी, नैतिक राजनीति और आज की प्रासंगिकता

गांधी — इतिहास नहीं, एक नैतिक…

January 28, 2026

मनोरंजन से वैचारिक हथियार तक… भारतीय सिनेमा में प्रोपेगेंडा का बदलता चेहरा

लोकतंत्र में सिनेमा कभी केवल मनोरंजन…

January 9, 2026

You Might Also Like

Trending Newsफीचर

अग्निपरीक्षा ले रही मई की धूप: बांदा से लेकर दिल्ली तक हाहाकार, पर क्या आप जानते हैं भारत में कब और कहां पड़ा है गर्मी का सबसे बड़ा टॉर्चर?

नई दिल्ली/लखनऊ। मई का महीना आते ही पूरे उत्तर और मध्य भारत में सूरज के तेवर तल्ख हो गए हैं।…

6 Min Read
Trending Newsफीचर

भारत में 21 करोड़ लोग “HyperTension” का शिकार! 6.75 करोड़ लोग हैं बेखबर? जानिए इस ‘साइलेंट किलर’ का पूरा इतिहास

जब हम हाई ब्लड प्रेशर का नाम सुनते हैं, तो आमतौर पर हमारे दिमाग में किसी बुजुर्ग व्यक्ति की तस्वीर…

7 Min Read
Trending Newsफीचर

NASA वैज्ञानिक का ‘मौत’ से तीन बार साक्षात्कार: क्या मृत्यु सिर्फ एक भ्रम है? इंग्रिड होनकाला के दावों ने विज्ञान को दी चुनौती

वॉशिंगटन/बोगोटा। क्या मौत वाकई जीवन की 'पूर्णविराम' है, या फिर यह किसी अनंत यात्रा का केवल एक 'अल्पविराम'? नासा (NASA)…

4 Min Read
फीचर

“नशा मुक्त” का वादा… लेकिन सच क्या है पंजाब का?

पंजाब, जिसे कभी देश का “अन्नदाता” कहा जाता था, आज ड्रग्स, अपराध और सुरक्षा संकट को लेकर लगातार सुर्खियों में…

3 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • अन्य
  • Entertainment
  • बाजार
  • लाइफस्टाइल

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?