सीतापुर में बीएसए और प्रधानाचार्य के बीच के विवाद में नया अपडेट सामने आया है जिसने घटी पूरे शिक्षा विभाग को हिला कर रख दिया. दरअसल मंगलवार को एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य बृजेंद्र कुमार वर्मा, बेसिक शिक्षा अधिकारी अखिलेश प्रताप सिंह पर उनके ही कार्यालय में बेल्ट से हमला करते हुए दिख रहे हैं. यह नज़ारा सीसीटीवी कैमरे और मोबाइल फोन में कैद हो गया और देखते ही देखते वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गया. वीडियो में प्रधानाचार्य वर्मा गुस्से में बीएसए पर लगातार बेल्ट से वार करते और वहां रखी सरकारी फाइलें फाड़ते नज़र आ रहे हैं. जिसके बाद से ही ये खबर चर्चा का विषय बन गई. वीडियो के बाद एक ऑडियो सामने आया है. जिसमें दावा किया जा रहा है कि ये ऑडियो उन्ही प्रधानाचार्य और बीएसए अखिलेश प्रताप सिंह के बीच का है. इस ऑडियो के आने के बाद हर कोई हैरान है.
क्या है ऑडियो क्लिप में ?
इस बातचीत में प्रधानाचार्य वर्मा बीएसए से कहते हुए सुनाई देते हैं कि गांव वालों का कहना है कि महिला शिक्षिका और आपके बीच नज़दीकी संबंध हैं. इसलिए आप लगातार उनका पक्ष ले रहे हैं. इसके जवाब में बीएसए अखिलेश प्रताप सिंह प्रधानाचार्य को समझाते हैं कि गांव वाले क्या कहते हैं इसकी चिंता न करें, आप सिर्फ अपने काम पर ध्यान दीजिए, बाकी जिम्मेदारी मेरी है. इस ऑडियो ने पूरे मामले को और पेचीदा बना दिया.
विवाद की जड़ महिला शिक्षिका की शिकायत
कहा जा रहा है कि इस पूरे विवाद की जड़ एक महिला शिक्षिका की शिकायत से जुड़ी है. सूत्रों की माने तो महिला ने प्रधानाचार्य बृजेंद्र वर्मा पर उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे. शिकायत के आधार पर विभाग ने वर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी किया था. बताया जाता है कि यही कार्रवाई प्रधानाचार्य को नागवार गुज़री और वह सीधे बीएसए कार्यालय पहूंच गए. वहां बहस इतनी बढ़ गई कि वर्मा ने बेल्ट से बीएसए पर हमला कर दिया. हालांकि प्रधानाचार्य का कहना है कि उन्होने महिला शिक्षिका से समय का पालन करने को कहा था. जिस पर उन्होने शिकायत कर दिया.
मामले की जांच के लिए कमेटी
घटना सामने आने के बाद विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रधानाचार्य को निलंबित कर दिया और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई. पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया. वहीं शिक्षा विभाग ने मामले की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी गठित की है और साफ कहा है कि अनुशासनहीनता को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.