आज 2 मार्च 2026 को चांदी निवेशकों और गहने खरीदने वालों—दोनों के लिए सुर्खियों में है। ईरान और इजराइल-अमेरिका युद्ध के बीच सुरक्षित निवेश (सेफ-हेवन) की मांग बढ़ते ही चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला। बाजार खुलते ही रफ्तार पकड़ी और दोपहर तक दाम ऐसे भागे कि निवेशक भी चौंक गए।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी Multi Commodity Exchange (MCX) पर चांदी का वायदा भाव करीब 12 बजे तक 3.64% उछलकर 10,012 रुपये की तेजी के साथ 2,85,010 रुपये प्रति किलो पहुंच गया। जबकि पिछले कारोबारी दिन यह 2,74,389 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी। बाजार जानकारों का कहना है कि जियो-पॉलिटिकल तनाव और अमेरिका की ट्रेड पॉलिसी को लेकर अनिश्चितता ने चांदी को फिर से चमका दिया है।
दिलचस्प बात यह है कि चांदी पहले भी निवेशकों को हैरान कर चुकी है। 29 जनवरी को चांदी का वायदा भाव 4,20,048 रुपये प्रति किलो के ऑल-टाइम हाई तक पहुंच चुका है। यानी मौजूदा तेजी को सिर्फ “शॉर्ट टर्म उछाल” कहकर नजरअंदाज करना आसान नहीं है।
गुडरिटर्न्स की रिपोर्ट के मुताबिक, स्पॉट मार्केट में भी चांदी ने लंबी छलांग लगाई है। कीमतें करीब 35,000 रुपये बढ़कर 3,30,000 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गईं, जबकि पिछले कारोबारी दिन यह 2,95,000 रुपये प्रति किलो थीं। वहीं India Bullion and Jewellers Association (IBJA) के अनुसार सोमवार सुबह चांदी 2,66,700 रुपये प्रति किलो थी, जो दोपहर तक बढ़कर 2,86,936 रुपये प्रति किलो हो गई।
शहरों की बात करें तो देश के ज्यादातर बड़े शहरों—दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, लखनऊ, पटना, कानपुर, नोएडा, गुरुग्राम और जयपुर—में चांदी करीब 3,30,000 रुपये प्रति किलो के आसपास ट्रेड कर रही है। वहीं चेन्नई, केरल, हैदराबाद, भुवनेश्वर और कटक जैसे शहरों में भाव थोड़े कम यानी करीब 3,15,000 रुपये प्रति किलो बताए जा रहे हैं। गहनों की खरीदारी करने वालों के लिए यह जानना जरूरी है कि अलग-अलग शहरों में रेट्स में हल्का फर्क बना हुआ है।
अगर पिछले कारोबारी दिन की तस्वीर देखें तो हालात थोड़े अलग थे। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के मुताबिक, शुक्रवार को दिल्ली के सर्राफा बाजार में चांदी लगातार दूसरे दिन फिसली थी और 2,70,500 रुपये से टूटकर 2,68,000 रुपये प्रति किलो पर आ गई थी। हालांकि उसी दिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी मजबूत रही और हाजिर भाव 89.72 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया।
वायदा बाजार में भी जियो-पॉलिटिकल टेंशन का असर साफ दिखा। सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने से MCX पर मार्च डिलीवरी वाली चांदी 3% से ज्यादा उछलकर 2,67,900 रुपये प्रति किलो पहुंच गई। विदेशी बाजार में COMEX पर सिल्वर फ्यूचर्स 90 डॉलर प्रति औंस के पार निकल गया।
कुल मिलाकर, युद्ध, वैश्विक अनिश्चितता और सेफ-हेवन डिमांड ने चांदी को फिर से निवेशकों का फेवरेट बना दिया है। अब सवाल यही है—क्या यह तेजी आगे भी जारी रहेगी या मुनाफावसूली के चलते दाम थोड़े ठहरेंगे? फिलहाल तो चांदी की चमक बाजार की नजरों में बनी हुई है।