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शारजाह के भारतीय-पाकिस्तानी स्कूलों में नए सत्र की तारीख बदली, अब 30 मार्च से शुरू होंगी कक्षाएं

मध्य-पूर्व में चल रहे तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के शारजाह में पढ़ने वाले भारतीय और पाकिस्तानी छात्रों से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। शारजाह के शिक्षा विभाग Sharjah Private Education Authority (SPEA) ने नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत की तारीख बदलने का फैसला लिया है।प्राधिकरण की ओर से जारी सर्कुलर के मुताबिक, शारजाह के उन निजी स्कूलों में जहां भारतीय और पाकिस्तानी सिलेबस पढ़ाया जाता है, वहां अब नया सत्र पहले तय तारीख पर शुरू नहीं होगा। अब छात्रों की नई कक्षाएं 30 मार्च 2026 से शुरू की जाएंगी। पहले 23 मार्च से शुरू होना था सत्र

पहले जारी किए गए शिक्षा कैलेंडर के अनुसार इन स्कूलों में नया एजुकेशनल सेशन  23 मार्च 2026 से शुरू होना था। लेकिन नई घोषणा के बाद छात्रों को लगभग एक हफ्ते और इंतजार करना होगा।SPEA का कहना है कि यह फैसला मौजूदा हालात और स्कूलों से मिली सलाह को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। शारजाह के कई स्कूलों ने स्कूल प्रिंसिपल काउंसिल के माध्यम से नए सत्र की शुरुआत की तारीख आगे बढ़ाने की मांग की थी। इससे स्कूलों को नई कक्षाओं और व्यवस्था की तैयारी के लिए थोड़ा ज़्यादा समय मिल जाएगा।

शिक्षा प्राधिकरण ने बताया कि कई स्कूलों ने सत्र की शुरुआत आगे बढ़ाने की मांग की थी। यह मांग स्कूल प्रिंसिपल काउंसिल के माध्यम से SPEA तक पहुंचाई गई थी।स्कूलों का कहना था कि मौजूदा परिस्थितियों में नई कक्षाओं की तैयारी, स्टाफ की व्यवस्था और अन्य जरूरी कामों को पूरा करने के लिए उन्हें थोड़ा और समय चाहिए। इन सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद SPEA ने नया फैसला लिया और स्कूलों को इसकी जानकारी सर्कुलर के जरिए दी।

छात्रों के लिए एक और अहम जानकारी दी गई है। SPEA के मुताबिक 9 मार्च से 12 मार्च 2026 के बीच होने वाली परीक्षाएं ऑनलाइन कराई जा सकती हैं।इसका मतलब है कि छात्र घर से ही परीक्षा दे सकेंगे। इससे पढ़ाई का सिलसिला भी जारी रहेगा और छात्रों को स्कूल आने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी।

शिक्षा प्राधिकरण ने स्कूलों के शिक्षकों और प्रशासनिक कर्मचारियों के लिए भी कुछ निर्देश जारी किए हैं। जरूरत पड़ने पर कुछ कर्मचारी स्कूल परिसर में आ सकते हैं, लेकिन उनकी संख्या सीमित रखी जाएगी। सर्कुलर के अनुसार किसी भी समय स्कूल में 15 से ज्यादा कर्मचारी मौजूद नहीं होने चाहिए। यह व्यवस्था सिर्फ जरूरी प्रशासनिक कामों को पूरा करने के लिए की गई है।

news desk

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