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नई दिल्ली । देश के करोड़ों प्रतियोगी परीक्षार्थियों और मेधावी युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में केंद्र सरकार ने संसद में एक बड़ा मील का पत्थर हासिल किया है। संसद के दोनों सदनों से ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026’ पास होने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसे देश की सार्वजनिक परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बहाल करने वाला ऐतिहासिक कदम बताया है।
विपक्ष के वॉकआउट के बीच राज्यसभा ने इस विधेयक को ध्वनि मत से मंजूरी दे दी, जबकि लोकसभा इसे बुधवार को ही पारित कर चुकी थी।
विधेयक के संसद में पास होने के तुरंत बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक विस्तृत पोस्ट में कहा कि मोदी सरकार का यह फैसला देश के युवाओं की आकांक्षाओं को सुरक्षा प्रदान करेगा।
गृह मंत्री ने लिखा:
“मोदी सरकार ने संसद में इस संशोधित विधेयक को पारित कर छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक निर्णायक कदम उठाया है। यह नया कानून उन अपराधों के खिलाफ सबसे मजबूत निवारक (Deterrent) साबित होगा, जो हमारी परीक्षा प्रणाली की निष्पक्षता को नुकसान पहुंचाते हैं। योग्यता के आधार पर मेहनत करने वाले युवाओं के सपनों से छेड़छाड़ करने वालों को अब सख्त से सख्त सजा मिलेगी।”
संशोधित कानून का मुख्य उद्देश्य संगठित गिरोहों, कोचिंग संस्थानों और अधिकारियों के उस गठजोड़ को तोड़ना है जो पैसों के बदले पेपर लीक कराते हैं:
गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में देश के कई राज्यों और राष्ट्रीय स्तर पर पेपर लीक की घटनाओं से लाखों अभ्यर्थियों का समय, संसाधन और मनोबल प्रभावित हुआ था। गृह मंत्रालय के अनुसार, इस नए कठोर कानून के लागू होने से न केवल दोषियों में खौफ पैदा होगा, बल्कि पारदर्शिता और योग्यता (Merit) पर आधारित चयन प्रक्रिया में अभ्यर्थियों का भरोसा फिर से कायम होगा।
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