मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में आज सुबह से ही भारी उथल-पुथल देखने को मिल रही है। बाजार खुलते ही बिकवाली का ऐसा दौर शुरू हुआ कि निवेशकों में हड़कंप मच गया। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स फिलहाल 77,139.85 के आसपास कारोबार कर रहा है, जो करीब 1,779.05 अंक यानी 2.25 प्रतिशत नीचे है। दिन के दौरान सेंसेक्स का निचला स्तर 76,424.55 तक पहुंच गया, जबकि ऊपरी स्तर 77,333.85 रहा।
वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 भी जोरदार दबाव में है और करीब 584 अंक गिरकर 23,866.45 पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी का आज का लो 23,697.80 और हाई 23,959.70 रहा। बाजार अभी खुला हुआ है और दोपहर 3:30 बजे तक ट्रेडिंग चलेगी, लेकिन फिलहाल गिरावट का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा।
मध्य पूर्व तनाव और महंगे तेल ने बढ़ाई चिंता
बाजार में आई इस भारी गिरावट की सबसे बड़ी वजह मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव माना जा रहा है। अमेरिका-इजरायल-ईरान के बीच टकराव की आशंकाओं से वैश्विक बाजारों में डर का माहौल बन गया है। इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में 15 से 18 प्रतिशत तक की तेज उछाल आई है और ब्रेंट क्रूड 110 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया है।
गिफ्ट निफ्टी ने भी बाजार खुलने से पहले ही 250-300 अंकों की गिरावट का संकेत दे दिया था, जो अब साफ तौर पर दिख रहा है। इस गिरावट के चलते बाजार से अब तक करीब 2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति साफ हो चुकी है।
दुनिया भर के बाजार भी दबाव में
वैश्विक बाजारों से भी अच्छे संकेत नहीं मिल रहे हैं। अमेरिकी डॉव फ्यूचर्स करीब 1.5 प्रतिशत नीचे ट्रेड कर रहा है। जापान का निक्केई लगभग 4.5 प्रतिशत गिर गया, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग करीब 1.8 प्रतिशत लुढ़क गया।
वहीं डर को मापने वाला वोलेटिलिटी इंडेक्स (VIX) करीब 20 प्रतिशत उछलकर 25 के पार पहुंच गया है, जो निवेशकों में बढ़ती घबराहट का संकेत देता है। दूसरी ओर रुपया भी कमजोर पड़ा है और करीब 90 पैसे गिरकर 91.50 प्रति डॉलर के आसपास आ गया है।
किन सेक्टरों पर सबसे ज्यादा असर
सेक्टोरल स्तर पर ऑयल एंड गैस, एविएशन और ऑटो सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिल रहा है। इंडिगो और स्पाइसजेट जैसे एयरलाइन स्टॉक्स 6 से 7 प्रतिशत तक टूट गए हैं। रिलायंस और ओएनजीसी में भी भारी बिकवाली नजर आई। पेंट और केमिकल सेक्टर के शेयरों पर भी दबाव बना हुआ है।
हालांकि इस गिरावट के बीच गोल्ड और डिफेंस से जुड़े कुछ शेयरों में हल्की खरीदारी देखने को मिल रही है, लेकिन कुल मिलाकर बाजार का मूड अभी भी कमजोर बना हुआ है।
विशेषज्ञों की सलाह
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अगर कच्चे तेल की कीमतें 115 डॉलर के पार चली गईं, तो बाजार में 5 से 7 प्रतिशत तक और गिरावट आ सकती है। एक ब्रोकरेज फर्म के एनालिस्ट के मुताबिक मौजूदा जियो-पॉलिटिकल रिस्क भारत जैसी आयात पर निर्भर अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है।
निवेशकों को फिलहाल सलाह दी जा रही है कि घबराहट में शेयर बेचने से बचें, कुछ कैश अपने पास रखें और सुरक्षित निवेश जैसे गोल्ड की तरफ भी ध्यान दें। फिलहाल सभी की नजर बाजार की चाल और वैश्विक घटनाक्रमों पर बनी हुई है।