सऊदी अरब में हुई एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई. पुलिस और बदमाशों के बीच हुई गोलीबारी में विजय को गोली लगी थी. विजय झारखंड के गिरिडीह जिले के निवासी थे. यह घटना 16 अक्टूबर को हुई. सऊदी अरब में विजय हुंडई इंजीनियरिंग एंड कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम करते थे. क्रॉसफायरिंग के दौरान लगी गोली से गंभीर रूप से घायल विजय को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन 24 अक्टूबर को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.
आखिरी वॉइस नोट ने खोला राज!
पहले सऊदी अरब की पुलिस पर सवाल उठ रहे थे. लेकिन विजय ने अपनी पत्नी को आखिरी वॉइस नोट में कहा था, “पुलिस किसी और पर गोली चला रही थी, लेकिन गलती से मुझे लग गई” यह सुनकर परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा. हालांकि इसी वॉइस नोट से ये साफ भी हुआ कि विजय को सऊदी पुलिस ने जानबूझकर गोली नहीं मारी. विजय के दो छोटे बच्चे हैं बड़ा बेटा 5 साल का और छोटा 3 साल का है. पूरे गांव में शोक फैल गया है और परिवार वाले विजय का शव भारत लाए जाने का इंतज़ार कर रहे हैं.
कंपनी के बड़े अधिकारी के कहने पर विजय काम की कुछ चीज़ें लेने गए थे. उसी समय वहां स्थानीय पुलिस और स्मगलरों या वसूली करने वाले गैंग के बीच गोलीबारी शुरू हो गई. उसी क्रॉसफायर में विजय को गोली लग गई. उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी.
विधायक ने की निष्पक्ष जांच की मांग
मामले की गंभीरता को देखते हुए डुमरी के विधायक जयराम कुमार महतो ने तुरंत कदम उठाए. उन्होंने सऊदी अरब में भारतीय दूतावास, झारखंड के राज्यपाल और गिरिडीह के डीसी को पत्र लिखकर कई मांगें कीं. इनमें घटना की निष्पक्ष और साफ-सुथरी जांच कराना, विजय के शव को जल्दी भारत लाना, परिवार को कानूनी और आर्थिक मदद देने कि मांग की है. विधायक ने बताया कि वह कंपनी के अधिकारियों से लगातार बात कर रहे हैं और राज्य सरकार के संबंधित अधिकारियों को भी पत्र भेज चुके हैं. उन्होंने कहा कि “दूतावास की जल्दी कार्रवाई से पीड़ित परिवार को बड़ी राहत मिलेगी और जल्द से जल्द विजय के शव को भारत लाया जाएगा”.