Middle East संकट का असर: रुपया टूटा, बॉन्ड यील्ड बढ़ी
मुंबई: मिडिल ईस्ट में जारी Iran-Israel-US conflict अब चौथे हफ्ते में पहुंच चुका है और इसका सीधा असर भारत के फाइनेंशियल मार्केट्स पर दिखने लगा है। बढ़ते तेल दाम और सप्लाई की चिंता के चलते भारतीय रुपया लगातार दबाव में है, वहीं सरकारी बॉन्ड्स की यील्ड भी ऊपर चढ़ रही है।
सोमवार को रुपया गिरकर 93.94 प्रति डॉलर तक पहुंच गया—अब तक का सबसे निचला स्तर। पिछले हफ्ते में यह तीन साल का सबसे खराब प्रदर्शन रहा। फरवरी के आखिर में जंग शुरू होने के बाद से रुपया करीब 3% कमजोर हो चुका है।
ट्रेडर्स का कहना है कि Reserve Bank of India लगातार डॉलर बेचकर रुपया संभालने की कोशिश कर रहा है, लेकिन दबाव अभी भी बना हुआ है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर हालात जल्दी नहीं सुधरे, तो जून तक रुपया 94-95 के स्तर तक भी जा सकता है।
रुपये के साथ-साथ सरकारी बॉन्ड्स भी दबाव में हैं। 10 साल के बेंचमार्क बॉन्ड की यील्ड करीब 6.71% तक पहुंच गई है। म्यूचुअल फंड्स ने मार्च में रिकॉर्ड स्तर पर बॉन्ड्स बेचे हैं, जिससे मार्केट में और दबाव बढ़ा है।
कॉर्पोरेट बॉन्ड यील्ड्स भी 20-25 बेसिस पॉइंट तक चढ़ चुकी हैं। इसकी बड़ी वजह है—ऊंचे तेल दाम, बढ़ती महंगाई की आशंका और राज्यों द्वारा ज्यादा कर्ज (बॉन्ड्स) जारी करना।
पूरा खेल तेल का है। Brent Crude $100-120 प्रति बैरल के बीच बना हुआ है। इसकी वजह है सप्लाई में रुकावट, खासकर Strait of Hormuz में तनाव।
भारत अपनी जरूरत का 85-88% क्रूड इंपोर्ट करता है, ऐसे में हर $10 की बढ़ोतरी से देश का करंट अकाउंट डेफिसिट (CAD) और महंगाई दोनों पर असर पड़ता है। इसके साथ ही विदेशी निवेशकों (FPI) की निकासी भी बढ़ी है—अब तक $8 बिलियन से ज्यादा पैसा बाहर जा चुका है।
बड़े ग्लोबल फाइनेंशियल संस्थानों का मानना है कि अगर यह संकट लंबा खिंचता है, तो रुपया और कमजोर हो सकता है। कुछ रिपोर्ट्स में 95+ का स्तर भी बताया जा रहा है। हालांकि कुछ एक्सपर्ट्स यह भी मानते हैं कि अगर हालात स्थिर होते हैं, तो रुपया धीरे-धीरे संभल सकता है।
फिलहाल तस्वीर साफ है—तेल महंगा है, ग्लोबल अनिश्चितता बनी हुई है और इसका असर सीधे भारत के बाजार पर पड़ रहा है। हालांकि RBI की सक्रियता और सरकार की डाइवर्सिफाइड इंपोर्ट पॉलिसी (अब 40+ देशों से सप्लाई) से हालात को संभालने की कोशिश जारी है।
कुल मिलाकर, यह शॉर्ट-टर्म दबाव का दौर है। मार्केट में उतार-चढ़ाव बना रहेगा, इसलिए निवेशकों को थोड़ा सतर्क रहना होगा और जल्दबाजी में फैसले लेने से बचना होगा।
स्मार्टफोन बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए शाओमी ने अपने सब-ब्रांड रेडमी के…
लखनऊ । यूपी के उत्सव यानि यूपी टी-20 लीग सीजन-4 के आगाज़ में अब महज…
मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में जारी भारी बारिश ने एक बार फिर जनजीवन…
देश में महंगाई की मार से आम जनता का बजट एक बार फिर डगमगा गया…
पिछले कुछ समय से देश की राजनीति में सोशल मीडिया ने एक बेहद अहम और…
भारतीय खेल जगत से इस वक्त की एक बड़ी खबर सामने आ रही है। केंद्रीय…