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ट्रम्प-पुतिन डील पर अमेरिकी संसद में बगावत: रिपब्लिकन सांसद ही लाएंगे नया बिल, भारत-चीन पर 100% टैरिफ वाले कानून का उल्लंघन?

वाशिंगटन। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ एक फोन कॉल के बाद डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा रूस से 3 लाख टन डीजल खरीदने के समझौते की घोषणा ने अमेरिका की घरेलू राजनीति में बड़ा भूचाल ला दिया है। ट्रम्प के इस फैसले का विरोध न केवल विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी कर रही है, बल्कि उनकी अपनी रिपब्लिकन पार्टी के भीतर से भी तीखी बगावत की आवाजें उठने लगी हैं।

‘रोनाल्ड रीगन’ के नाम पर बिल लाने की तैयारी

रिपब्लिकन सांसद ब्रायन फिट्जपैट्रिक ने सार्वजनिक रूप से इस डील का विरोध करते हुए संसद में एक नया विधेयक (Bill) पेश करने का ऐलान किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर जानकारी साझा करते हुए फिट्जपैट्रिक ने बताया कि वे ‘रोनाल्ड रीगन पीस थ्रू स्ट्रेंथ एक्ट’ (Ronald Reagan Peace Through Strength Act) नाम से बिल लाएंगे, जिसका मुख्य मकसद रूस से तेल और ऊर्जा उत्पादों की सभी तरह की खरीद पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना है।

उन्होंने दावा किया कि इस बिल को एक विशेष संसदीय प्रक्रिया के जरिए सीधे प्रतिनिधि सभा (House of Representatives) में वोटिंग के लिए लाया जाएगा, जहां इसे रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक दोनों दलों का भारी समर्थन मिलने की उम्मीद है। रिपब्लिकन सांसद डॉन बेकन ने भी इस बिल का सह-प्रस्तावक (Co-sponsor) बनने का फैसला किया है।

16 सितंबर के कड़े कानून की अनदेखी का आरोप

संसदीय नाराजगी की सबसे बड़ी वजह हाल ही में पारित हुआ एक कड़ा कानून है। 16 सितंबर को अमेरिकी संसद ने ‘सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट’ पास किया था, जिस पर खुद राष्ट्रपति ट्रम्प ने 18 सितंबर को हस्ताक्षर किए थे।

इस कानून के तहत रूस से तेल-गैस खरीदने वाले देशों पर 100% तक टैरिफ (Tariff) लगाने का सख्त प्रावधान किया गया था—जिसमें भारत और चीन जैसे बड़े देश सीधे निशाने पर थे। अब सांसद सवाल उठा रहे हैं कि जो कड़े नियम दुनिया के अन्य देशों पर लागू किए जा रहे हैं, ट्रम्प खुद अमेरिका के लिए उससे छूट कैसे ले सकते हैं?

अमेरिकी सांसदों के तीखे हमले:

  • सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल (डेमोक्रेटिक): उन्होंने ट्रम्प की इस डील को “शर्मनाक” करार देते हुए कहा कि अमेरिका अन्य देशों को रूसी तेल न खरीदने की चेतावनी दे रहा है और खुद पुतिन से डील कर रहा है।
  • सीनेटर जीन शाहीन (डेमोक्रेटिक): उन्होंने याद दिलाया कि अमेरिका 2022 में ही रूसी ऊर्जा आयात पर पूरी तरह रोक लगा चुका है। संसद की कानूनी जांच और मंजूरी के बिना राष्ट्रपति ऐसा फैसला नहीं ले सकते।
  • सांसद माइकल मैककॉल (रिपब्लिकन): उन्होंने कहा कि अमेरिका में डीजल की कीमतें कम करना जरूरी है, लेकिन रूस से खरीदारी करने का सीधा मतलब पुतिन को यूक्रेन युद्ध के लिए फंडिंग मुहैया कराना है।

क्या पास हो पाएगा यह नया बिल?

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस बिल को संसद से पास कराना आसान नहीं होगा। चूंकि वर्तमान प्रतिनिधि सभा का कार्यकाल जनवरी में समाप्त हो रहा है, ऐसे में समय की कमी और प्रशासनिक अड़चनों के कारण बिल के अंतिम रूप से कानून बनने की संभावना कम मानी जा रही है। हालांकि, इस कदम ने राष्ट्रपति ट्रम्प को अपनी ही पार्टी के भीतर बैकफुट पर धकेल दिया है।

news desk

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