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चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा कन्फर्म! कल तक जो थी ‘अफवाह’, आज वो बना ‘अंतिम सच’; ट्रस्ट ने जारी की आधिकारिक कॉपी

राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के भीतर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर चल रहा हड़कंप अब अपने सबसे बड़े अंजाम तक पहुंच चुका है। कल तक जिस खबर को महज एक ‘अफवाह’ और अटकलें बताया जा रहा था, आज उस पर अंतिम मुहर लग चुकी है। राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज की पुष्टि के बाद अब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने आधिकारिक तौर पर पत्र (इस्तीफे की कॉपी) जारी कर इस खबर को पूरी तरह कन्फर्म कर दिया है।

कल दिनभर चलता रहा अटकलों का दौर

गुरुवार को जब राम मंदिर परिसर से चढ़ावा चोरी मामले में चंपत राय के करीबी और ड्राइवर टिन्नू यादव समेत 8 लोगों पर FIR दर्ज हुई, तो उसके तुरंत बाद ही दिल्ली से लेकर अयोध्या तक चंपत राय के इस्तीफे की अटकलें तेज हो गई थीं। हालांकि, कल दिनभर ट्रस्ट के शीर्ष पदाधिकारियों और चंपत राय के प्रतिनिधियों द्वारा इन खबरों का लगातार खंडन किया जाता रहा।

कल दोपहर तक यह दावा किया जा रहा था कि इस्तीफे की खबरें पूरी तरह से मनगढ़ंत हैं और चंपत राय अपने पद पर बने रहेंगे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास की तरफ से भी कल तक इस पूरे मामले को विपक्ष का राजनीतिक हमला करार दिया जा रहा था। कल की स्थिति यह थी कि किसी भी आधिकारिक स्तर पर इस इस्तीफे को स्वीकार नहीं किया जा रहा था, जिससे मीडिया और जनता के बीच भारी असमंजस की स्थिति बनी हुई थी।

ट्रस्ट ने जारी की आधिकारिक कॉपी

लेकिन आज इस पूरे घटनाक्रम ने यू-टर्न ले लिया। कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी के बयान के बाद अब ट्रस्ट की तरफ से आधिकारिक कॉपी भी मीडिया के लिए जारी कर दी गई है। इस आधिकारिक पत्र में साफ लिखा है कि चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपना इस्तीफा सौंप दिया है, जिसे ट्रस्ट ने स्वीकार कर लिया है। ट्रस्ट द्वारा कॉपी जारी किए जाने के बाद अब इस खबर पर किसी भी तरह के संशय या ‘इफ-एंड-बट’ की गुंजाइश खत्म हो गई है।

इस्तीफे के पीछे की सबसे बड़ी वजह

इस हाई-प्रोफाइल इस्तीफे के पीछे की मुख्य वजह एसआईटी (SIT) की वो जांच रिपोर्ट है, जिसमें राम मंदिर के दान काउंटरों से भारी लापरवाही और पैसों के प्रबंधन में अनियमितता की बात सामने आई थी। सबसे बड़ा झटका तब लगा जब चंपत राय के बेहद करीबी और उनके ड्राइवर टिन्नू यादव का नाम इस 18 दिन बाद दर्ज हुई एफआईआर में नामजद आरोपियों के रूप में सामने आया।

ट्रस्ट ने पत्र में यह भी संकेत दिया है कि जल्द ही एक आपात बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें महासचिव के इस बेहद महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी अस्थाई या स्थाई तौर पर किसे सौंपी जाए, इस पर फैसला लिया जाएगा।

news desk

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