Trending News

रणजी ट्रॉफी 2026: जम्मू-कश्मीर ने दिखाई धाक… JK की जीत में क्या है BCCI अध्यक्ष मिथुन मन्हास का खास कनेक्शन

रणजी के रण में इस बार रोमांच कम नहीं रहा। भारतीय क्रिकेट के लिए रणजी ट्रॉफी हमेशा से ही टैलेंट की पहचान रही है। एक दौर ऐसा भी था जब यहां के सितारे सीधे टीम इंडिया तक का सफर तय करते थे। आईपीएल और अन्य टूर्नामेंट्स की चमक के बावजूद, बीसीसीआई ने रणजी ट्रॉफी की साख बचाने के लिए बड़े कदम उठाए, ताकि हर खिलाड़ी अपनी प्रतिभा इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में दिखा सके।

इस बार की रणजी ट्रॉफी में कई बड़े उलटफेर देखने को मिले। जम्मू-कश्मीर की टीम शानदार प्रदर्शन करते हुए सीधे फाइनल की राह पर है। वहीं, उत्तराखंड ने कई उतार-चढ़ाव के बावजूद सेमीफाइनल में जगह बना ली-जिससे उनके जज्बे की तारीफ़ करनी होगी।

उत्तर प्रदेश की टीम इस बार नाकआउट तक नहीं पहुँच पाई, लेकिन यूपी के क्रिकेटप्रेमियों को उम्मीद है कि अगले सीजन में उनका जलवा वापस देखने को मिलेगा।

इतिहास रचते हुए जम्मू-कश्मीर

1959-60 में पहली बार रणजी ट्रॉफी खेलने वाली जम्मू-कश्मीर ने इस साल 67 साल बाद पहली बार फाइनल का सफर तय किया। सेमीफाइनल में दो बार की पूर्व चैम्पियन बंगाल को 6 विकेट से हराकर जम्मू-कश्मीर ने अपने सफर का सबसे सुनहरा अध्याय लिख दिया।

मिथुन मन्हास बोले: “जम्मू-कश्मीर की रणजी फाइनल में जगह देखकर भावुक हो गया”

भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के वर्तमान अध्यक्ष मिथुन मन्हास ने साल 2021 में जम्मू-कश्मीर क्रिकेट संघ (जेकेसीए) का जिम्मा संभाला, तब उन्हें एक ऐसी संस्था में सुधार करना पड़ा जो कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार के आरोपों से जूझ रही थी।

18 फरवरी को जम्मू-कश्मीर टीम ने पहली बार रणजी ट्रॉफी के फाइनल में प्रवेश किया, और मन्हास इस उपलब्धि को देखकर भावुक हो गए। उन्होंने पीटीआई से कहा, “जब मैंने प्रशासक का पद संभाला, तब यह इतना आसान नहीं था। बीसीसीआई के तत्कालीन सचिव जय शाह ने मुझे पूरी छूट दी थी और कहा कि जम्मू-कश्मीर क्रिकेट को पटरी पर लाने के लिए जो जरूरी हो, करें।”

जम्मू-कश्मीर ने कल्याणी में खेले गए सेमीफाइनल में दो बार के पूर्व चैंपियन बंगाल को 6 विकेट से हराकर इतिहास रच दिया। मन्हास ने कहा, “मैं टीवी पर मैच देख रहा था। मोहम्मद शमी और आकाश दीप जैसे खिलाड़ियों वाली बंगाल टीम को हराना बड़ी उपलब्धि है। मेरे अंदर का क्रिकेटर भावुक हो गया, क्योंकि मैंने अपना प्रथम श्रेणी का करियर वहीं समाप्त किया और राज्य इकाई के साथ काम किया।”

मन्हास ने टीम की सफलता के पीछे ब्रिगेडियर अनिल गुप्ता और जम्मू-कश्मीर क्रिकेट समिति का योगदान भी रेखांकित किया। उन्होंने बताया, “हमने प्रतिभा खोज प्रतियोगिता आयोजित की। इसी से बाएं हाथ के तेज गेंदबाज सुनील कुमार जैसे खिलाड़ी सामने आए। दिल्ली में दो दशक खेलने के अनुभव से मुझे पता था कि इस स्तर पर सफल होने के लिए क्या जरूरी है। हमारी समिति ने ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ शानदार काम किया।”

मिथुन मन्हास ने पारस डोगरा के योगदान की भी तारीफ की। उन्होंने कहा, “मध्य क्रम में हमें अनुभवी बल्लेबाज की जरूरत थी। पारस डोगरा को 41 साल की उम्र में पेशेवर खिलाड़ी के रूप में टीम में लाना मेरा सबसे बड़ा योगदान रहा। मैंने उनके साथ और उनके खिलाफ काफी क्रिकेट खेली है। पारस एक शानदार क्रिकेटर और पेशेवर खिलाड़ी हैं। उन्होंने हिमाचल प्रदेश में खेलकर ऐसे हालात में भी अनुभव हासिल किया, जो जम्मू-कश्मीर से मिलते-जुलते हैं।”

वर्तमान में पारस डोगरा टीम के कप्तान हैं और मुख्य कोच के रूप में पूर्व भारतीय खिलाड़ी अजय शर्मा कार्यरत हैं। मन्हास का मानना है कि इस संयोजन ने जम्मू-कश्मीर को रणजी फाइनल की राह पर पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

रणजी ट्रॉफी ने फिर साबित कर दिया कि क्रिकेट सिर्फ बड़े शहर या बड़े खिलाड़ियों तक सीमित नहीं है। हर राज्य, हर खिलाड़ी अपनी कहानी लिख रहा है, और हर मैच दर्शकों के लिए रोमांचक बना रहा है।

news desk

Recent Posts

लखनऊ प्रीमियर लीग से बड़ी खबर: सप्लीमेंट्री नीलामी में इस खिलाड़ी पर पैसों की बरसात, देखें फुल डिटेल

लखनऊ एशेज ने 1.25 लाख में खरीदा ऑलराउंडर, कुल खरीदे जा चुके हैं 102 खिलाड़ी…

10 hours ago

अगर आप भी नौकरी करते हैं और हर महीने सैलरी से कटता है PF, तो ये खबर आपके काम की है…

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी Employees' Provident Fund Organisation (EPFO) जल्द ही पीएफ पर मिलने…

11 hours ago

बांके बिहारी मंदिर में बड़ा विवाद, सेवायतों ने गर्भगृह पर जड़ा ताला, प्रशासन के खिलाफ खोला मोर्चा

विश्व प्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में व्यवस्थाओं को लेकर चल रहा विवाद बुधवार को…

13 hours ago

मेनोपॉज, मूड स्विंग्स पर सुनीता आहूजा ने पहली बार खोले जिंदगी के पन्ने,बोलीं- “माफी मिलेगी पर, मेरे हिसाब से चलना होगा”

बॉलीवुड के 'चीची' यानी गोविंदा और उनकी पत्नी सुनीता आहूजा की शादीशुदा जिंदगी एक बार…

13 hours ago

अंडर-13 मुकाबले में अचानक टूटा मधुमक्खियों का झुंड, हादसे में सीनियर अंपायर की मौत

उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में बुधवार (18 फरवरी 2026) की शाम एक अंडर-13 क्रिकेट…

13 hours ago

एपस्टीन कनेक्शन से घिरे प्रिंस एंड्रयू, हिरासत में लिए जाने की रिपोर्ट्स से हलचल तेज

एपस्टीन फाइल्स से जुड़े आरोपों के बाद ब्रिटेन के शाही परिवार से एक बड़ी खबर…

14 hours ago