रांची। झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में धांधली और CGL परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर जारी छात्र आंदोलन के 17वें दिन स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई है। सोमवार को राजधानी रांची पूरी तरह से किले में तब्दील नजर आई।
हजारों की संख्या में पहुंचे प्रदर्शनकारी छात्रों ने पुलिस की बहुस्तरीय बैरिकेडिंग को तोड़ते हुए विधानसभा की ओर कूच किया
छात्रों के उग्र प्रदर्शन और विधानसभा घेराव को रोकने के लिए प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए थे:
अनशन के कारण बिगड़ी तबीयत के बावजूद छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो एम्बुलेंस में बैठकर प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे।
कंटीले तारों से की गई घेराबंदी पर सोरेन सरकार को घेरते हुए महतो ने तीखा हमला बोला:
“सरकार अपनी हरकतों से अराजकता को न्योता दे रही है। यह क्या पाकिस्तान या बांग्लादेश का बॉर्डर है जो छात्रों के लिए कंटीले तार लगाए गए हैं? अगर ये तार नहीं होते तो मैं यहां नहीं आता। जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं होंगी, आंदोलन खत्म नहीं होगा।”
एक तरफ राज्य सरकार का कहना है कि छात्रों की अधिकांश मांगें मान ली गई हैं, वहीं आंदोलनकारी छात्रों ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। छात्रों का स्पष्ट कहना है कि जब तक JSSC-CGL परीक्षा रद्द नहीं होती और निष्पक्ष जांच नहीं कराई जाती, तब तक उनका यह हल्लाबोल जारी रहेगा।
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