उत्तर प्रदेश में पिछले 48 घंटों से जारी भारी बारिश और खराब मौसम ने कई जिलों में मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अतिवृष्टि और आंधी-तूफान के चलते प्रदेश में अब तक 15 लोगों की मौत, 4 पशुहानि और 117 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना है। पांच लोग घायल भी हुए हैं। स्थिति को देखते हुए राहत एवं बचाव कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है।
राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने शनिवार को प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों को मौके पर जाकर प्रभावित परिवारों से मिलने और उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि हर परिस्थिति में लोगों की जान-माल की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
राहत आयुक्त के मुताबिक, प्रदेश के 63 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। पिछले 24 घंटे में प्रदेश में सामान्य से करीब 19 गुना अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई।
सबसे ज्यादा असामान्य बारिश फर्रुखाबाद में हुई, जहां सामान्य से करीब 200 गुना अधिक वर्षा दर्ज की गई। कानपुर नगर में यह आंकड़ा 160 गुना रहा, जबकि कन्नौज, कानपुर देहात और हरदोई में सामान्य से करीब 130 गुना अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई।
भदोही, देवरिया और अलीगढ़ में सामान्य वर्षा दर्ज की गई, जबकि गाजीपुर में सबसे कम बारिश हुई। वहीं बागपत, गाजियाबाद, मथुरा, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली, गौतमबुद्धनगर और हापुड़ में बारिश नहीं हुई।
प्रशासन के मुताबिक, बारिश और आंधी-तूफान से अमेठी, बहराइच, बांदा, बाराबंकी, बस्ती, फतेहपुर, हमीरपुर, हरदोई और कानपुर नगर में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है। अयोध्या में दो और लखीमपुर खीरी में चार जनहानि की सूचना है।
बहराइच में दीवार गिरने से एक व्यक्ति की मौत हुई, जबकि बस्ती में आंधी-तूफान के कारण एक व्यक्ति की जान गई।
प्रशासन ने घायलों का समुचित उपचार कराने और मृतकों के परिजनों तथा अन्य प्रभावित परिवारों को नियमानुसार अनुमन्य राहत राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
अतिवृष्टि और तेज हवाओं के कारण कई जिलों में मकानों को भी नुकसान पहुंचा है। उपलब्ध प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार बांदा में 32 और जालौन में 21 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। हरदोई में 14, पीलीभीत और औरैया में 7-7 तथा बहराइच और सुल्तानपुर में 5-5 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना है।
इसके अलावा गाजीपुर, कानपुर देहात, बलिया, बलरामपुर, प्रतापगढ़, संतकबीरनगर और वाराणसी समेत कई अन्य जिलों में भी मकानों को नुकसान पहुंचा है।
राहत आयुक्त ने अधिकारियों को कच्चे मकानों के आसपास जलभराव की स्थिति पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए हैं। लेखपालों और ग्राम विकास अधिकारियों के जरिए ऐसे इलाकों की तत्काल जानकारी जुटाने और जरूरत पड़ने पर जल निकासी की व्यवस्था कराने को कहा गया है।
जरूरत पड़ने पर कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
बारिश से किसानों की फसलों को हुए नुकसान का भी सर्वे कराया जाएगा। जिलाधिकारियों को क्षति का तत्काल आकलन कराकर प्रभावित किसानों को नियमों के तहत राहत सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने फायर सर्विस, पीएसी, सिविल डिफेंस, होमगार्ड और आपदा मित्रों की सेवाओं को जरूरत के मुताबिक इस्तेमाल करने को कहा है। राहत एवं बचाव दलों को प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
नेपाल में हो रही भारी बारिश को देखते हुए उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों पर भी विशेष नजर रखी जा रही है। राहत आयुक्त ने बताया कि नेपाल में बारिश के कारण पूर्वी उत्तर प्रदेश की नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका है।
इसी को देखते हुए संबंधित जिलाधिकारियों को सतर्क रहने, बाढ़ राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखने और खुद फील्ड में रहकर स्थिति का आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक अगले 36 घंटे के बाद मौसम में सुधार की संभावना जताई गई है। इस दौरान प्रशासन ने लोगों से अत्यंत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
मौसम विभाग और प्रशासन की ओर से जारी चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है। किसी भी आपदा की स्थिति में तत्काल सहायता के लिए राहत हेल्पलाइन 1070 पर संपर्क किया जा सकता है।
दिल्ली के तिलक नगर में सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर हुए विवाद के दौरान…
प्रयागराज में आयोजित राज्य स्तरीय जिम्नास्टिक प्रतियोगिता में K.D. Singh Babu Stadium की वेरोनिका वर्मा…
दक्षिण अफ्रीका में एक के बाद एक दो सामूहिक गोलीबारी से हड़कंप मच गया है।…
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में दलित वोट फिर केंद्र में है। 403 विधानसभा सीटों…
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले बहुजन समाज पार्टी ने अपने संगठन में बड़ा…
लखनऊ: सितंबर के आखिरी हफ्ते में देश के कई राज्यों में मौसम ने अचानक करवट…