नई दिल्ली, 17 अप्रैल 2026 — संसद के विशेष सत्र के दौरान आज कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने महिला आरक्षण और Delimitation बिल को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह बिल महिलाओं के सशक्तिकरण से ज्यादा देश के चुनावी नक्शे को बदलने और सत्ता बनाए रखने की रणनीति है।
राहुल गांधी ने इसे “राष्ट्रविरोधी कृत्य” बताते हुए आरोप लगाया कि सरकार दक्षिण भारत, पूर्वोत्तर और छोटे राज्यों के प्रतिनिधित्व को कम करने की दिशा में काम कर रही है।
हल्के अंदाज से शुरुआत, फिर तीखा हमला
अपने भाषण की शुरुआत राहुल गांधी ने हल्के अंदाज में की। उन्होंने Priyanka Gandhi Vadra का जिक्र करते हुए कहा, “मेरी बहन ने 20 मिनट में वो कर दिखाया जो मैं 20 साल में नहीं कर पाया—Amit Shah को हंसाना।”
इसके बाद उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री और मैं दोनों के पास ‘वाइफ इश्यू’ नहीं है,” जिस पर सदन में हल्की हंसी भी सुनाई दी।
लेकिन इसके तुरंत बाद राहुल गांधी ने सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा, “यह महिला बिल नहीं है। इसका महिलाओं के सशक्तिकरण से कोई लेना-देना नहीं है। यह भारत के चुनावी मानचित्र को बदलने की कोशिश है।”
“Delimitation है राजनीतिक हेरफेर”
राहुल गांधी ने Delimitation प्रक्रिया को “gerrymandering” बताते हुए कहा कि यह OBC, दलितों और अल्पसंख्यकों की राजनीतिक आवाज को कमजोर करने की कोशिश है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार दक्षिण भारतीय राज्यों और छोटे राज्यों से उनका प्रतिनिधित्व छीनने की योजना बना रही है, ताकि सत्ता में बनी रह सके। “यह राष्ट्रविरोधी कृत्य है और हम इसे नहीं होने देंगे,” उन्होंने कहा।
कांग्रेस नेता ने साफ किया कि उनकी पार्टी महिला आरक्षण का पूरा समर्थन करती है, लेकिन इसे Delimitation और सीटों की बढ़ोतरी से जोड़ना “हिस्सा चोरी” जैसा है। उन्होंने मांग की कि महिला आरक्षण को तुरंत और बिना शर्त लागू किया जाए।
सरकार की ओर से 2029 लोकसभा चुनाव से 33% महिला आरक्षण लागू करने का प्रस्ताव है, साथ ही सीटों की संख्या बढ़ाने की योजना भी है। इसी को लेकर सदन में जोरदार बहस जारी है।
राहुल गांधी के भाषण के बाद Rajnath Singh ने उनके बयान पर आपत्ति जताते हुए माफी की मांग की, जिससे सदन का माहौल और गर्म हो गया।
फिलहाल, सभी की नजरें शाम को होने वाले मतदान पर टिकी हैं, जहां इन अहम विधेयकों का भविष्य तय होगा।