दिल्ली में ‘मार्च फॉर डेमोक्रेसी’ के दौरान राहुल गांधी और डीके शिवकुमार के बीच कथित खींचतान का वीडियो सामने आने के बाद शुरू हुआ विवाद अब नए राजनीतिक मोड़ पर पहुंच गया है। भाजपा ने इस वीडियो को साझा कर राहुल गांधी पर कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का अपमान करने का आरोप लगाया था। अब शिवकुमार ने खुद सामने आकर पूरे घटनाक्रम पर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने उन्हें अपमानित करने के लिए नहीं, बल्कि उनकी सुरक्षा की चिंता में बस में वापस बैठने की सलाह दी थी।
मंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत के दौरान शिवकुमार ने भाजपा पर इस मामले को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया। उन्होंने राहुल गांधी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके भीतर मानवीय संवेदनाएं और शक्ति है। शिवकुमार के मुताबिक, वीडियो के आधार पर दोनों नेताओं के संबंधों को लेकर गलत धारणा बनाई जा रही है।
डीके शिवकुमार ने स्पष्ट किया कि प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी ने उन्हें बस में वापस जाने के लिए कहा था। उन्होंने इस घटनाक्रम को सुरक्षा से जुड़ा मामला बताया और भाजपा के आरोपों को खारिज किया।
शिवकुमार ने कहा कि राहुल गांधी ने उन्हें मुख्यमंत्री बनाया है और उनके बीच विश्वास, स्नेह तथा पारिवारिक भावना पर आधारित संबंध हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा इस छोटे से घटनाक्रम को बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही है।
विवाद उस समय शुरू हुआ, जब भाजपा के कई राज्यों के सोशल मीडिया हैंडल से ‘मार्च फॉर डेमोक्रेसी’ के दौरान का वीडियो साझा किया गया। भाजपा ने दावा किया था कि राहुल गांधी ने प्रदर्शन के दौरान डीके शिवकुमार का कुर्ता खींचकर उन्हें पीछे किया और भीड़ के बीच धक्का दिया।
भाजपा ने इसे कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री के साथ-साथ राज्य की जनता का अपमान बताया था। वीडियो को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई थी। हालांकि, शिवकुमार ने अब राहुल गांधी का बचाव करते हुए कहा है कि घटना को गलत संदर्भ में पेश किया जा रहा है।
डीके शिवकुमार ने इस विवाद के बीच मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि SIR और उससे जुड़ी विसंगतियों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की गई है।
उन्होंने कहा, “वोट का अधिकार जीने के अधिकार के समान है। हम सभी इसके लिए लड़ रहे हैं। हमने बड़ा विरोध प्रदर्शन किया था और आगे भी यह लड़ाई जारी रहेगी।”
शिवकुमार ने कहा कि इस संघर्ष का उद्देश्य राज्य और देश के मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करना है। उन्होंने भाजपा के कुछ नेताओं पर इस मुद्दे पर राजनीति करने और विवाद को बढ़ाने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
डीके शिवकुमार ने 13 अक्टूबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी इस विवाद पर अपना पक्ष रखा था। उन्होंने कहा था कि लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा के लिए आयोजित प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे। इसी दौरान राहुल गांधी ने उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें वाहन में लौटने और सावधानी बरतने की सलाह दी थी।
शिवकुमार ने अपने बयान में कहा था कि दोनों नेताओं के बीच का रिश्ता विश्वास, स्नेह और पारिवारिक भावना पर आधारित है। उन्होंने यह भी कहा था कि 10 सेकंड का वीडियो पूरी घटना की कहानी नहीं बता सकता।
राहुल गांधी और डीके शिवकुमार के वायरल वीडियो को लेकर भाजपा ने जहां सवाल उठाए, वहीं शिवकुमार ने सामने आकर राहुल गांधी का बचाव किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदर्शन के दौरान हुई घटना को अपमान के रूप में देखना सही नहीं है।
शिवकुमार के बयान से यह साफ है कि वह इस घटनाक्रम को दोनों नेताओं के बीच मतभेद के तौर पर पेश किए जाने से सहमत नहीं हैं। उन्होंने राहुल गांधी की कार्रवाई को अपनी सुरक्षा से जुड़ी चिंता बताया है।
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