ओमान : 13 सितंबर 2025 को राधे कृष्णा ग्रुप ऑफ कंपनीज के चेयरमैन मनोज कुमार यादव ने ओमान में स्थित सी-11 क्रोम माइनिंग साइट का औपचारिक निरीक्षण किया। इस महत्वपूर्ण विज़िट में चेयरमैन मनोज ने गल्फ माइनिंग (Gulf Mining) की सीनियर टीम के साथ क्रोम के संभावित भंडार, आधुनिक खनन तकनीक और निवेश के अवसरों पर व्यापक चर्चाएँ कीं। यह कदम समूह की विदेश विस्तार रणनीति का एक अहम मोड़ माना जा रहा है।
विज़िट के केवल कुछ महीनों बाद, दिसंबर 2025 में राधे कृष्णा माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड और ओमान माइनिंग प्रोजेक्ट के बीच औपचारिक एग्रीमेंट साइन किया गया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि ग्रुप अब अंतरराष्ट्रीय खनन क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाने जा रहा है। इस समर्पित समझौते के माध्यम से कंपनी जल्द ही ओमान में क्रोम माइनिंग के अपने ऑपरेशन शुरू करेगी, जो राधे कृष्णा ग्रुप के वैश्विक विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम है।
भारत सरकार भी माइनिंग सेक्टर को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए सक्षम बनाने के लिए कई बड़े फैसले ले रही है। हाल ही में संसद ने Mines and Minerals (Development and Regulation) Amendment Bill, 2025 को मंज़ूरी दी है, जो खनन पट्टों की लचक बढ़ाने, महत्वपूर्ण खनिजों के उत्पादन को आसान बनाने और विकास उद्देश्यों के लिए निधियों में वृद्धि को संभव बनाता है।
इसके अलावा, सरकार ने National Critical Mineral Mission (NCMM), 2025 शुरू किया है, जिसका उद्देश्य भारत को महत्वपूर्ण और दुर्लभ खनिजों के उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाना है — खासकर स्वच्छ ऊर्जा, उन्नत टेक्नोलॉजी और रक्षा उद्योगों के लिए आवश्यक खनिजों में।
केंद्र सरकार खनन सुधारों के तहत राज्यों को प्रोत्साहन राशि, पारदर्शी नीलामी प्रक्रियाओं और तकनीकी निगरानी को बढ़ावा दे रही है; जैसे कि हाल में उत्तराखंड को खनन सुधारों के लिए अतिरिक्त ₹200 करोड़ का केंद्रीय प्रोत्साहन मिला है।
राधे कृष्णा ग्रुप की ओमान यात्रा और भारत सरकार की नीतिगत पहल दोनों मिलकर यह संकेत देती हैं कि भारतीय खनन उद्योग वैश्विक प्रतिस्पर्धा, निवेश और तकनीकी उन्नयन की ओर तेजी से अग्रसर है, साथ ही स्थिर, टिकाऊ और जिम्मेदार खनन के वैश्विक मानकों को अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है।