चंदौली (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश के Chandauli जिले में दहशत का पर्याय बन चुके कथित “साइको किलर” गुरप्रीत सिंह को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया। यह एनकाउंटर अलीनगर थाना क्षेत्र के दरियापुर इलाके में सोमवार देर शाम हुआ।
पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ में घायल होने के बाद आरोपी को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद अस्पताल परिसर को सुरक्षा के मद्देनज़र पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी Amritsar का रहने वाला था और पूर्व में सेना में तैनात रह चुका था। वर्ष 2020 में नौकरी छोड़ने के बाद वह सिक्योरिटी गार्ड के रूप में काम कर रहा था।
बताया जा रहा है कि उसने बीते 24 घंटों में तीन अलग-अलग जगहों पर लोगों की कनपटी पर गोली मारकर हत्या कर दी थी, जिससे पूरे पूर्वांचल क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी।
जानकारी के अनुसार, पुलिस आरोपी को वारदात से जुड़े घटनास्थलों का पुनर्निर्माण (क्राइम सीन रिक्रिएशन) कराने ले गई थी। इसी दौरान उसने पुलिस टीम पर फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश की।
जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोली चलाई, जिसमें आरोपी गंभीर रूप से घायल हो गया। इस मुठभेड़ में एक चौकी इंचार्ज समेत दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।
जांच में सामने आया है कि आरोपी ने सबसे पहले डीडीयू-ताड़ीघाट पैसेंजर ट्रेन में एक व्यक्ति की हत्या की। इसके बाद कोलकाता-जम्मूतवी एक्सप्रेस में एक अन्य यात्री को गोली मारी।
इसके बाद वह एक अस्पताल पहुंचा, जहां उसने एक महिला की भी हत्या कर दी। अस्पताल में मौजूद लोगों ने साहस दिखाते हुए उसे पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया था।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने दावा किया था कि उसे “ऊपर से इंडिकेशन” मिलता था, जिसके बाद वह हत्याएं करता था। पुलिस अब उसके मानसिक स्वास्थ्य और आपराधिक इतिहास की गहराई से जांच कर रही है।
इस मामले में Akash Patel (एसपी चंदौली) ने बताया कि आरोपी बेहद खतरनाक था और पुलिस पर फायरिंग के बाद जवाबी कार्रवाई में उसे ढेर किया गया। मामले की विस्तृत जांच जारी है।
जांच में सामने आया है कि इस पूरे घटनाक्रम का कनेक्शन तीन राज्यों—पंजाब, बिहार और उत्तर प्रदेश—से जुड़ा हुआ था।
सोमवार देर रात जब पुलिस आरोपी गुरप्रीत सिंह को क्राइम सीन रिक्रिएशन के लिए लेकर गई, तभी उसने कथित तौर पर पुलिसकर्मियों की पिस्तौल छीनने की कोशिश की और फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोली चलाई, जिसमें वह घायल हो गया और बाद में उसकी मौत हो गई। इस दौरान दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए।
यह मामला कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े करता है:
पूरे मामले की जांच के लिए Chandauli Police, Railway Protection Force (RPF) और Government Railway Police (GRP) की संयुक्त टीम बनाई गई है, जो हर पहलू की गहन छानबीन कर रही है।
घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। एहतियात के तौर पर अस्पताल परिसर और रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।
24 घंटे के भीतर हुई इस घटनाक्रम में तीन निर्दोष लोगों की जान चली गई। आरोपी की मौत के साथ घटनाक्रम का एक अध्याय भले खत्म हो गया हो, लेकिन इससे जुड़े सवाल और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठी चिंताएं अभी भी बरकरार हैं।
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