पटना। बिहार की राजनीति में पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के एमएलसी चुनाव के बाद जेडीयू नेता नीरज कुमार और अनंत सिंह के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। चुनावी नतीजों के बाद मिठाई और भोजपुरी गायक गुंजन सिंह का जिक्र करते हुए नीरज कुमार ने अनंत सिंह पर कटाक्ष किया। दरअसल, अनंत सिंह ने चुनाव परिणाम आने से पहले ही जन सुराज के प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह की जीत का दावा किया था और अपने आवास पर मिठाइयां बनवानी शुरू कर दी थीं। लेकिन नतीजे उनकी उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहे, जिसके बाद यह मिठाई वाला मामला सियासी तंज का विषय बन गया।
मतगणना से पहले अनंत सिंह के आवास पर रसगुल्ले और गुलाब जामुन तैयार किए जा रहे थे। टेंट लगाया गया था और समर्थकों के जुटने की तैयारी भी थी। अनंत सिंह को भरोसा था कि जन सुराज के उम्मीदवार डॉ. अनुज सिंह चुनाव में बड़ी जीत हासिल करेंगे। उन्होंने अनुज सिंह के नामांकन में भी बड़े काफिले के साथ पहुंचकर समर्थन जताया था।
चुनावी नतीजों के बाद जब पत्रकारों ने नीरज कुमार से अनंत सिंह के आवास पर बन रही मिठाइयों के बारे में सवाल किया, तो उन्होंने भोजपुरी गायक गुंजन सिंह का नाम लेते हुए तंज कसा। नीरज कुमार ने कहा, ‘कहां है रे गुंजन, ले जो मिठइयां।’ उनके इस बयान को अनंत सिंह के चुनावी दावे पर कटाक्ष के तौर पर देखा जा रहा है।
नीरज कुमार ने चुनावी प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह जीत का जश्न मनाने के बजाय कार्यकर्ताओं के प्यार और सम्मान को महत्वपूर्ण मानते हैं। उन्होंने दावा किया कि इस चुनाव में जनबल और कार्यकर्ताओं की ताकत के सामने धनबल और बाहुबल को झुकना पड़ा।
उन्होंने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके द्वारा तैयार कराई गई मिठाइयों में नमक था। नीरज कुमार के इस बयान ने चुनावी मुकाबले के बाद दोनों नेताओं के बीच जारी राजनीतिक खींचतान को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।
दूसरी ओर, चुनावी नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए अनंत सिंह ने कहा कि जनता ही मालिक और भगवान है। उन्होंने समय की कमी को हार की वजह बताते हुए कहा कि उन्हें प्रचार के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाया। हालांकि, उन्होंने नीरज कुमार को जीत की बधाई देने से इनकार कर दिया।
इस पूरे विवाद की एक अहम कड़ी जेडीयू की कार्रवाई भी है। अनंत सिंह द्वारा पार्टी के उम्मीदवार के बजाय जन सुराज के प्रत्याशी का समर्थन करने के बाद पार्टी ने उन्हें छह साल के लिए निष्कासित कर दिया था। उनकी पत्नी नीलम सिंह के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। इसके अलावा, अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता को लेकर विधानसभा अध्यक्ष से अनुशंसा किए जाने की बात भी सामने आई है।
नीरज कुमार और अनंत सिंह के बीच राजनीतिक टकराव नया नहीं है। दोनों के बीच खींचतान वर्ष 2015 से चली आ रही है। उस समय जेडीयू ने अनंत सिंह की जगह नीरज कुमार को टिकट दिया था। इसके बाद अनंत सिंह निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीत गए थे।
मोकामा की राजनीति में दोनों नेताओं की प्रतिद्वंद्विता लंबे समय से चर्चा का विषय रही है। इस बार पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के एमएलसी चुनाव में जेडीयू ने नीरज कुमार को अपना उम्मीदवार बनाया, जबकि अनंत सिंह ने जन सुराज के डॉ. अनुज सिंह का समर्थन किया। इससे पार्टी के भीतर मतभेद खुलकर सामने आ गए।
फिलहाल, चुनाव के बाद मिठाई, गुंजन सिंह और नेताओं के बयानों को लेकर बिहार की सियासत में नया विवाद खड़ा हो गया है। यह घटनाक्रम जेडीयू के भीतर के मतभेदों और मोकामा की पुरानी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता को फिर से चर्चा में ले आया है।
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