लखनऊ. उत्तर प्रदेश में खेल सुविधाओं के विस्तार को लेकर राज्य सरकार लगातार काम कर रही है। इसी क्रम में प्रदेश के खेल मंत्री Girish Chandra Yadav ने एक प्रेस वार्ता में बताया कि ग्रामीण स्तर पर खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर स्टेडियमों का निर्माण कराया गया है।
मंत्री ने जानकारी दी कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में केवल 80 ग्रामीण स्टेडियम थे, लेकिन वर्तमान सरकार द्वारा चरणबद्ध योजना के तहत अब तक 125 ग्रामीण स्टेडियम का निर्माण कराया जा चुका है। इससे प्रदेश के 117 विकास खंडों को कवर किया गया है, जबकि 8 विकास खंडों में दो-दो स्टेडियम बनाए गए हैं।
हर ब्लॉक में मिनी स्टेडियम का लक्ष्य, सरकार की तेज रफ्तार योजना
उन्होंने बताया कि अभी भी 39 ग्रामीण स्टेडियम परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं, जिन्हें जल्द पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार की योजना है कि हर विकास खंड में मिनी स्टेडियम उपलब्ध कराया जाए, ताकि गांवों के युवाओं को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर खेल सुविधाएं मिल सकें।
खेल मंत्री ने यह भी बताया कि वर्ष 2023-24 से सभी 125 ग्रामीण स्टेडियमों के संचालन के लिए हर साल बजट आवंटित किया जा रहा है। इस बजट के जरिए स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार खेल उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। साथ ही युवाओं को प्रशिक्षण देने के लिए आउटसोर्सिंग के माध्यम से खेल प्रशिक्षकों की तैनाती भी की जा रही है।
“युवाओं को मिलेगा मंच: खेल उपकरण और कोचिंग पर फोकस”
युवाओं को खेल और सामाजिक गतिविधियों से जोड़ने के लिए सरकार ने ग्राम पंचायत स्तर पर युवक और महिला मंगल दलों का गठन किया है। प्रदेश की 57,695 ग्राम पंचायतों में अब तक 53,760 युवक मंगल दल और 52,354 महिला मंगल दल बनाए जा चुके हैं। कुल मिलाकर 1.15 लाख से अधिक मंगल दल सक्रिय हैं। इनमें से 96,000 दलों को खेल सामग्री उपलब्ध कराई जा चुकी है, जबकि शेष को जल्द सामग्री देने की प्रक्रिया जारी है।
“3 लाख से ज्यादा युवा जुड़े, खेल स्पर्धाओं से बढ़ी भागीदारी”
इसके अलावा खेलों में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए सभी विधानसभा क्षेत्रों में विधायक खेल स्पर्धा और संसदीय क्षेत्रों में सांसद खेल स्पर्धा का आयोजन कराया गया है। इन प्रतियोगिताओं में 3 लाख से अधिक युवा खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया है।
खेल मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देना और उन्हें खेल के माध्यम से राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ना है। ग्रामीण स्तर पर खेल सुविधाओं के विस्तार से आने वाले समय में प्रदेश से नई प्रतिभाओं के उभरने की उम्मीद जताई जा रही है।