पटना: बांकीपुर उपचुनाव में 19,324 वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज कर पहली बार विधायक बने जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर अब पटना में नए सरकारी आवास में शिफ्ट होने वाले हैं। खास बात यह है कि उनका नया ठिकाना बिहार सरकार के मंत्री और दानापुर विधायक राम कृपाल यादव के आवास के ठीक बगल में होगा। यही राम कृपाल यादव चुनाव प्रचार के दौरान प्रशांत किशोर को लेकर सवाल उठा चुके हैं कि आखिर वह कौन हैं।
विधायक बनने के बाद प्रशांत किशोर को पटना में सरकारी आवास मिलने वाला है। जिस इलाके में उन्हें आवास मिलने की बात सामने आई है, वहां दीघा विधायक संजीव चौरसिया के अलावा कुम्हार, पटना साहिब और फतुहा के विधायकों के भी सरकारी आवास हैं।
प्रशांत किशोर के आवास के बगल में बिहार सरकार में मंत्री राम कृपाल यादव का घर भी है। ऐसे में बांकीपुर चुनाव के दौरान एक-दूसरे को लेकर दिए गए बयानों के बाद अब दोनों नेताओं का पड़ोसी बनना राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।
बांकीपुर उपचुनाव के प्रचार के दौरान राम कृपाल यादव ने प्रशांत किशोर की राजनीतिक पहचान पर सवाल उठाते हुए पूछा था कि वह कौन हैं और कहां से आए हैं। उन्होंने यह भी सवाल किया था कि क्या प्रशांत किशोर पटना या बांकीपुर के रहने वाले हैं और मतदाता किसी बाहरी व्यक्ति को क्यों जिताएंगे।
अब चुनावी नतीजे पूरी तरह बदल चुके हैं। प्रशांत किशोर न सिर्फ चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं, बल्कि जल्द ही राम कृपाल यादव के पड़ोसी भी बनने वाले हैं। इस पर राम कृपाल यादव ने कहा है कि प्रशांत किशोर अब उनके विधायक हैं और पड़ोसी भी बन गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई समस्या होगी तो वह उनके पास लेकर जाएंगे।
विधायक बनने से पहले प्रशांत किशोर का पटना सिटी में पुराना आवास था, लेकिन वह वहां नहीं रहते थे। उन्होंने पटना से करीब 40 से 45 किलोमीटर दूर बिहटा में आईआईटी पटना के पास स्थित ‘बिहार नवनिर्माण आश्रम’ को अपना ठिकाना बना रखा था।
प्रशांत किशोर ने पहले कहा था कि वह अगले विधानसभा चुनाव तक बिहार नवनिर्माण आश्रम में रहेंगे और वहीं से अपनी पार्टी का संचालन करेंगे। अब विधायक बनने के बाद वह पुराने ठिकाने पर रहेंगे या सरकारी आवास में शिफ्ट होंगे, इसे लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
बांकीपुर सीट लंबे समय से बीजेपी का मजबूत गढ़ रही है। बीजेपी के नितिन नवीन यहां से लगातार चार बार विधायक चुने गए थे। बाद में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद उनके लिए यह सीट खाली हुई और उपचुनाव कराया गया।
इस उपचुनाव में प्रशांत किशोर ने बीजेपी के नीरज कुमार को 19,324 वोटों के अंतर से हराकर पहली बार विधानसभा का रास्ता तय किया। बांकीपुर जैसी बीजेपी की मजबूत सीट पर उनकी जीत ने बिहार की राजनीति में उनकी भूमिका को लेकर चर्चा और तेज कर दी है।
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