नया वर्कस्टेशन बना “Perplexity Computer”
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की रेस में Perplexity AI ने एक ऐसी छलांग लगाई है जिसने Google और OpenAI जैसी टेक जायंट कंपनियों की चिंता बढ़ा दी है। कंपनी के भारतीय मूल के सीईओ अरविंद श्रीनिवास ने कल ऑफिशियली तौर पर “Perplexity Computer” लॉन्च किया। ये सिर्फ एक सर्च इंजन नहीं, बल्कि एक ‘डिजिटल वर्कर’ है जो आपके कहने पर घंटों का काम मिनटों में खुद कर सकता है।
क्या है Perplexity Computer?
अक्सर लोग इसे कोई हार्डवेयर समझने की गलती कर रहे हैं, लेकिन ये असल में एक क्लाउड-आधारित सुपर एजेंट है। जहाँ पुराने AI बॉट्स सिर्फ आपके सवालों के जवाब देते थे, वहीं Perplexity Computer आपके द्वारा बताए गए गोल्स को पूरा करने के लिए खुद स्ट्रैटेजी बनाता है और उसे इम्प्लेमेंत करता है।
Perplexity Computer के 5 सबसे बड़ी ताकतें:
मल्टी-मॉडल ऑर्केस्ट्रेशन: ये कंप्यूटर एक साथ 19 से ज्यादा AI मॉडल्स (जैसे GPT-5.2, Claude 4.6, Gemini) का इस्तेमाल करता है। ये खुद तय करता है कि रिसर्च के लिए किसे चुनना है और कोडिंग के लिए किसे।
एक्शन इंजन: यह सिर्फ जानकारी नहीं देता, बल्कि ‘एक्शन’ लेता है। एग्जांपल के लिए, आप इसे कह सकते हैं “पिछले 5 सालों के मार्केट डेटा का एनालिसिस करो और एक प्रोफेशनल PDF रिपोर्ट बनाओ” और ये सब कुछ खुद मिनटों में कर देगा।
पर्सिस्टेंट मेमोरी : यह आपके पुराने प्रोजेक्ट्स और फाइलों को याद रखता है, जिससे आपको बार-बार आर्डर देने की ज़रूरत नहीं पड़ती।
रियल-टाइम ब्राउज़र और फाइल एक्सेस: इसके पास अपना खुद का आइसोलेटेड ब्राउज़र और फाइल सिस्टम है, जिससे ये इंटरनेट पर लाइव जाकर डेटा इकट्ठा कर सकता है।
इसमें इमेज जनरेशन के लिए ‘Nano Banana’ और वीडियो के लिए ‘Veo 3.1’ जैसे मॉडल्स भी शामिल हैं।
भारत में एयरटेल के साथ बड़ा करार
भारतीय यूज़र्स के लिए सबसे बड़ी खबर ये है कि Airtel ने Perplexity के साथ हाथ मिलाया है। एयरटेल के प्रीमियम प्लान्स (Wi-Fi और डेटा) लेने वाले ग्राहकों को Perplexity Pro का सब्सक्रिप्शन फ्री दिया जा रहा है। अरविंद श्रीनिवास ने सिग्नल दिया है कि वो जल्द ही भारतीय स्मार्टफोन कंपनियों के साथ भी बड़ी साझेदारी कर सकते हैं।
किसे मिलेगा एक्सेस?
फिलहाल, Perplexity Computer का एक्सेस ‘Max’ सब्सक्रिप्शन वाले यूज़र्स को दिया गया है। जल्द ही इसे ‘Pro’ और एंटरप्राइज यूज़र्स के लिए भी रोल आउट किया जाएगा। जिसपे एक्सपर्ट का कहना है की “Perplexity ने साबित कर दिया है कि भविष्य केवल चैट करने वाले बॉट्स का नहीं, बल्कि उन एजेंट्स का है जो वास्तव में काम को खत्म करना जानते हैं।”
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