प्रेस कांफ्रेंस में पवन खेडा का सरकार पर हमला
नई दिल्ली: कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर चल रहे पुनर्विकास कार्य के दौरान देवी अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति को नुकसान पहुंचने के आरोपों को लेकर खेड़ा ने कहा कि यह मामला किसी AI जनरेटेड वीडियो का नहीं, बल्कि सरकार की “बेहयाई” को उजागर करता है।
पवन खेड़ा ने कहा कि पिछले हफ्ते वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर पुनर्विकास कार्य के दौरान 18वीं शताब्दी की इंदौर की रानी देवी अहिल्याबाई होल्कर की सदियों पुरानी मूर्ति और अन्य धार्मिक कलाकृतियों को कथित तौर पर नुकसान पहुंचाया गया। इसके बाद स्थानीय लोग और पाल समाज समिति के सदस्य विरोध में उतरे। खेड़ा के मुताबिक, जिन्होंने इस घटना को उजागर किया, उन्हीं पर कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह कहना कि वायरल वीडियो AI से बनाए गए हैं, सच्चाई से मुंह मोड़ने जैसा है। वहीं पुलिस ने इस मामले में AAP सांसद संजय सिंह, सांसद पप्पू यादव और कांग्रेस नेता जसविंदर कौर समेत आठ लोगों पर फेक न्यूज फैलाने के आरोप में FIR दर्ज की है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में खेड़ा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मोदी 12 साल से सत्ता में हैं और जिनके नाम पर सत्ता मिली, उन्हीं के साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है। खेड़ा ने पुराने आरोपों को दोहराते हुए कहा कि सत्ता में आने से पहले मोदी खुद को हिंदुओं का मसीहा बताते थे, लेकिन आज उनकी जीवनशैली पूरी तरह बदल चुकी है। उन्होंने महंगे मशरूम, डायमंड फेशियल, करोड़ों रुपये के जेट, लग्जरी गाड़ियों और कपड़ों का जिक्र किया। हालांकि RTI के जरिए पहले ही साफ हो चुका है कि प्रधानमंत्री अपने निजी खर्च खुद उठाते हैं, फिर भी कांग्रेस ने इन मुद्दों को फिर से उठाया।
खेड़ा ने मुस्लिम समुदाय के प्रति भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार की राजनीति में मुसलमानों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर मुसलमान पढ़ाई या शिक्षा से जुड़ा कोई संस्थान खोलता है, तो उसे बंद करा दिया जाता है। इसके साथ ही उन्होंने ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का उदाहरण देते हुए कहा कि उनका कसूर सिर्फ इतना है कि वे सरकार की जय-जयकार नहीं करते। उन्होंने राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा, महाकुंभ की व्यवस्थाओं और कोविड के दौरान गंगा में तैरती लाशों जैसे मुद्दों पर सवाल उठाए थे, जिसकी वजह से वे निशाने पर हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में पवन खेड़ा ने कहा, “सच्चाई यही है कि नरेंद्र मोदी न काम के हैं, न राम के हैं।” कांग्रेस ने मणिकर्णिका घाट मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि यह घटना हिंदू धरोहर के प्रति सरकार की लापरवाही को उजागर करती है।
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