नई दिल्ली: 16 जुलाई 2026, गुरुवार से श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि का आरंभ हो रहा है। यह दिन भगवान शिव की आराधना के साथ-साथ भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की पूजा के लिए भी विशेष महत्व रखता है। पंचांग के अनुसार आज रोहिणी और मृगशिरा नक्षत्र का संयोग रहेगा, जबकि व्याघात योग भी प्रभावी रहेगा। आइए जानते हैं आज का संपूर्ण पंचांग, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और पूजा का महत्व।
16 जुलाई 2026 का पंचांग
दिन: गुरुवार
तिथि: श्रावण शुक्ल प्रतिपदा
पक्ष: शुक्ल पक्ष
मास: श्रावण मास (उत्तर भारत के अनुसार)
विक्रम संवत: 2083
सूर्य राशि: मिथुन
चंद्र राशि: कर्क
ऋतु: वर्षा ऋतु
सूर्योदय: प्रातः 5:38 बजे
सूर्यास्त: सायं 7:41 बजे
तिथि का महत्व
श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नए पक्ष की शुरुआत होती है। यह तिथि नए कार्यों की योजना, धार्मिक अनुष्ठान, दान-पुण्य और आध्यात्मिक साधना के लिए शुभ मानी जाती है। श्रावण मास भगवान शिव की उपासना के लिए सबसे पवित्र महीनों में से एक माना जाता है।
आज का नक्षत्र
आज अधिकांश समय रोहिणी नक्षत्र रहेगा, जिसके बाद मृगशिरा नक्षत्र का आरंभ होगा। रोहिणी नक्षत्र सुख, समृद्धि और शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है। वहीं मृगशिरा नक्षत्र शिक्षा, ज्ञान, यात्रा और नए कार्यों की शुरुआत के लिए शुभ माना जाता है।
आज का योग
आज व्याघात योग रहेगा। इस योग में बड़े और जोखिम वाले निर्णय सोच-समझकर लेने की सलाह दी जाती है। हालांकि पूजा-पाठ, जप, दान और आध्यात्मिक साधना के लिए यह योग शुभ माना गया है।
आज के करण
आज बव करण और बालव करण का संयोग रहेगा। दोनों करण यात्रा, व्यापार, शिक्षा, धार्मिक अनुष्ठान और सामान्य शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माने जाते हैं।
16 जुलाई 2026 के शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:02 बजे से 12:54 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 2:45 बजे से 3:41 बजे तक
अमृत काल: सुबह 9:10 बजे से 10:45 बजे तक
आज का राहुकाल और अशुभ समय
राहुकाल: दोपहर 1:30 बजे से 3:00 बजे तक
यमगण्ड काल: सुबह 6:00 बजे से 7:30 बजे तक
गुलिक काल: सुबह 9:00 बजे से 10:30 बजे तक
धार्मिक महत्व
गुरुवार भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की पूजा के लिए समर्पित माना जाता है। वहीं श्रावण मास का आरंभ भगवान शिव की विशेष आराधना का अवसर लेकर आता है। इस दिन भगवान शिव का जलाभिषेक, भगवान विष्णु की पूजा, तुलसी अर्पित करना और पीली वस्तुओं का दान करना अत्यंत शुभ माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि श्रावण मास में किए गए जप, तप और दान का विशेष पुण्य प्राप्त होता है।
आज के शुभ उपाय
भगवान शिव का गंगाजल से जलाभिषेक करें।
भगवान विष्णु को तुलसी दल और पीले पुष्प अर्पित करें।
“ॐ नमः शिवाय” और “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करें।
पीली दाल, हल्दी, केले या पीले वस्त्र का दान करें।
जरूरतमंद लोगों को भोजन कराएं और गुरुजनों का आशीर्वाद प्राप्त करें।
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