इस्लामाबाद/काबुल: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान ने सीजफायर समझौते का उल्लंघन करते हुए अफगानिस्तान में आधी रात को 7 अलग-अलग स्थानों पर हवाई हमले किए।
बताया जा रहा है कि पहला हमला अफगानिस्तान के पक्तिका प्रांत के बारमाल इलाके में स्थित एक मदरसे पर किया गया। इस हमले में कई धार्मिक किताबें जलकर नष्ट हो गईं।
अफगानिस्तान की तालिबान सरकार और स्थानीय प्रशासन ने नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि ऐसे हमले जारी रहे तो जवाबी कार्रवाई की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी अफगानिस्तान में किए गए इन हमलों में कम से कम 28 टीटीपी (तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) लड़ाके मारे गए हैं।
पाकिस्तान के इस ताजा कदम के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और गहराता नजर आ रहा है। जानकारों का मानना है कि हालात नहीं सुधरे तो आने वाले दिनों में स्थिति बड़े सैन्य टकराव का रूप ले सकती है।
तालिबान का दावा-‘जवाबी कार्रवाई का पूरा अधिकार’, पाकिस्तान पर युद्धविराम तोड़ने का आरोप
अफगान तालिबान के एक करीबी सूत्र ने पाकिस्तान के हालिया हवाई हमलों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि अफगानिस्तान इन हमलों से हुए नुकसान का विस्तृत आकलन कर रहा है। अधिकारियों ने पाकिस्तान पर अफगान संप्रभुता और हवाई क्षेत्र का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है।
सूत्र के मुताबिक, “पाकिस्तान ने अफगान हवाई सीमा का अतिक्रमण किया है। ऐसे में तालिबान को जवाबी कार्रवाई करने का पूरा अधिकार है।” उन्होंने यह भी कहा कि उचित समय पर पलटवार किया जाएगा।
हमलों के बाद तालिबान के शीर्ष नेतृत्व ने आपात बैठकें बुलाई हैं। काबुल और कंधार में वरिष्ठ नेताओं के बीच स्थिति की समीक्षा को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा चल रही है। तालिबान ने पाकिस्तान पर मौजूदा समझौतों और युद्धविराम का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सऊदी अरब, कतर और तुर्किये जैसे मध्यस्थ देशों को भी घटनाक्रम की जानकारी दी जा रही है।
वहीं, पाकिस्तानी सुरक्षा सूत्रों का कहना है कि सीमा पार की गई कार्रवाई आतंकवादी ढांचे को निशाना बनाकर की गई थी। उनके अनुसार पक्तिका, पक्तिया, नंगरहार और खोस्त प्रांतों में सटीक हवाई हमले कर कथित आतंकवादी शिविरों को ध्वस्त किया गया।
रविवार तड़के किए गए इन हमलों में डूरंड लाइन के आसपास के कई ठिकानों को निशाना बनाया गया। पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के संदिग्ध ठिकानों पर भी बमबारी की।