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खैबर पख्तूनख्वा हवाई हमले में महिलाओं -बच्चों समेत 30 नागरिकों की मौत… सोशल मीडिया पर क्यों लग रहा ‘राज्य प्रायोजित नरसंहार’ का आरोप ?

पाकिस्तान के अशांत उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र खैबर पख्तूनख्वा में रविवार तड़के हुए एक बड़े हवाई हमले ने देशभर में हड़कंप मचा दिया है.वायुसेना द्वारा किए गए इस अभियान में कम से कम 30 नागरिकों की मौत हो गई, जिनमें कई महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं.हवाई हमला तिरह घाटी के मत्रे दारा गांव में तड़के करीब 2 बजे हुआ, जब अधिकांश ग्रामीण गहरी नींद में थे.स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तानी वायुसेना ने इस इलाके में 8 आधुनिक LS-6 स्मार्ट बम गिराए.इस हमले से दर्जनों घर मलबे में तब्दील हो गए और गांव का बड़ा हिस्सा तबाह हो गया.

हालांकि, सेना का दावा है कि यह कार्रवाई प्रतिबंधित आतंकी संगठन टीटीपी (तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) के ठिकानों को निशाना बनाने के लिए की गई थी.सेना के प्रवक्ता के अनुसार, यह इलाका लंबे समय से आतंकवादियों की छिपने की जगह बना रहा है और यहां से सुरक्षा बलों पर हमलों की साजिशें रची जा रही थीं.

लेकिन स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सेना के दावों को सिरे से खारिज किया है.उनका कहना है कि हमले के समय गांव में केवल आम नागरिक मौजूद थे, और मारे गए लोगों में किसी का भी संबंध किसी उग्रवादी संगठन से नहीं था.
घटना के बाद राहत कार्य शुरू किया गया, लेकिन संकरी घाटियों और बर्बाद हो चुके रास्तों के कारण बचावकर्मियों को गांव तक पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा.अभी तक 30 शव निकाले जा चुके हैं और घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है.मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.

टीटीपी पर निशाना या “राज्य प्रायोजित नरसंहार” ?

इस हमले के बाद स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने पाकिस्तान सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा है.सोशल मीडिया पर भी जनता का गुस्सा फूट पड़ा है, और कई लोगों ने इसे ‘राज्य प्रायोजित नरसंहार’ करार दिया है.
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्तान के अंदरूनी हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं और सेना द्वारा इस तरह के आक्रामक कदम आने वाले दिनों में और विवादों को जन्म दे सकते हैं.

सरकारी स्तर पर फिलहाल कोई स्वतंत्र जांच की घोषणा नहीं की गई है, जिससे पीड़ित परिवारों में गहरा आक्रोश है.यह हमला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है,आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर राज्य की क्या जिम्मेदारी है?

news desk

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